रांची, 11 अगस्त (आईएएनएस)। धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों को हिरासत में लिए जाने और विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो को पत्र लिखा है।
उन्होंने रांची जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है। राज सिन्हा ने अपने पत्र में लिखा कि 10 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विपक्ष के मुख्य सचेतक एवं सचेतक समेत भाजपा के कई विधायक मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गए थे। उनका उद्देश्य छात्रों के आंदोलन, जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचने के बाद रांची जिला प्रशासन के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने सभी विधायकों को सार्वजनिक स्थल पर रोक दिया। इसके बाद उन्हें बलपूर्वक हिरासत में ले लिया गया। उनके मुताबिक इस कार्रवाई से विधायकों के सम्मान को ठेस पहुंची और उन्हें उनके संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन से रोका गया।
पत्र में कहा गया है कि भाजपा विधायकों को विधानसभा सत्र की कार्यवाही के दौरान हिरासत में रखा गया था। सिन्हा का आरोप है कि विधायकों को बिना किसी पूर्व सूचना या वैधानिक कारण बताए सदन की कार्यवाही में शामिल होने से रोक दिया गया। उनके अनुसार, दिन में करीब 11 बजे विधायकों को हिरासत में लिया गया और करीब 10 घंटे तक उन्हें खेलगांव स्थित कैंप जेल में रखा गया।
भाजपा नेता ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों को हिरासत में रखना गंभीर मामला है। इससे वे सदन में जनता और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने से वंचित रहे। उन्होंने इसे विधायकों के विशेषाधिकार का उल्लंघन बताया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले का संज्ञान लेने और रांची जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि 10 अगस्त को जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विधानसभा घेराव के बीच भाजपा विधायक अचानक मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचे थे। वे वहीं धरने पर बैठ गए थे। पुलिस ने बाद में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई नेताओं और विधायकों को हिरासत में लिया था। उन्हें खेलगांव स्थित कैंप जेल में रखा गया था।
–आईएएनएस
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