चेन्नई, 11 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा नेता वनथी श्रीनिवासन ने मंगलवार को तमिलनाडु में भाजपा और द्रमुक (डीएमके) के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में ऐसा कोई फैसला लिया जाता है, तो संबंधित राजनीतिक दल स्वयं इसकी घोषणा करेंगे।
उनकी यह टिप्पणी मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु सरकार बनने के बाद राज्य की राजनीति में संभावित नए समीकरणों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आई है। बदलते राजनीतिक माहौल और नेताओं के दल बदलने से अगले लोकसभा चुनाव से पहले नए गठबंधनों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
सरकार बदलने के बाद कई नेता अपने राजनीतिक दल बदल चुके हैं, जिनमें एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। इसी को ध्यान रखते हुए लोकसभा चुनाव से पहले डीएमके और भाजपा के करीब आने की संभावना जताई गई है।
इन अटकलों को तब और बल मिला, जब डीएमके सांसद कनिमोझी सोमू ने कहा कि राजनीतिक दलों को तमिलनाडु के हित में होने वाली पहलों का समर्थन करने के लिए तैयार रहना चाहिए, चाहे वे कहीं से भी आई हों।
कनिमोझी सोमू ने कहा था, “राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न कोई स्थायी दुश्मन। तमिलनाडु के लिए जो भी अच्छा होगा, चाहे वह कहीं से भी आए, हम उसे स्वीकार करेंगे और उसका स्वागत करेंगे।”
उनकी इस टिप्पणी के बाद सवाल उठने लगे कि क्या डीएमके भाजपा के प्रति अपने रुख में बदलाव का संकेत दे रही है जबकि तमिलनाडु में दोनों दल लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।
जब वनथी श्रीनिवासन से कनिमोझी के बयान और संभावित डीएमके-भाजपा गठबंधन की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इन अटकलों को खारिज करने की कोशिश की।
राजनीति में स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होने वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि किसी गठबंधन की घोषणा से पहले उसके बारे में अनुमान लगाने का कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा, “जब डीएमके-भाजपा गठबंधन बनेगा, तब वे खुद आपको बता देंगे। ऐसा लग रहा है कि आप लोग गठबंधन बनने से पहले ही उसे बना चुके हैं।” वनथी श्रीनिवासन ने इस मुद्दे पर चल रही अटकलों पर कटाक्ष करते हुए यह बात कही।
हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल किसी गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य की राजनीति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में भविष्य के राजनीतिक गठबंधनों को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बयान आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

