Wednesday, August 12, 2026
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अनशन के 10वें दिन देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से संघर्ष का दिया संदेश, कहा- शरीर कमजोर हो सकता है, संकल्प नहीं

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रांची, 11 अगस्त (आईएएनएस)। जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मंगलवार को सदर अस्पताल से संघर्षरत छात्रों और युवाओं के नाम हस्तलिखित संदेश जारी किया। अस्पताल में उपचाराधीन महतो ने कहा कि उनकी भूख-हड़ताल जारी है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के बावजूद उनका संघर्ष और संकल्प अडिग है।

महतो ने अपने संदेश में कहा कि शरीर कमजोर हो सकता है, लेकिन न्याय की मांग और संघर्ष का संकल्प कमजोर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ उनका ‘जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान’ पांच जुलाई से लगातार जारी है। उन्होंने 10 अगस्त को हुए विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, मीडिया कर्मियों और अन्य लोगों के प्रति आभार जताया। साथ ही उन्होंने विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।

महतो ने आरोप लगाया कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस उन्हें एम्बुलेंस से एक स्थान तक लेकर गई थी। वहां उनके साथ करीब 100 छात्र शांतिपूर्वक बैठे थे। उनके अनुसार, अचानक बिना किसी चेतावनी के पुलिस ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी और लाठीचार्ज किया। इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से सदर अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस को लाठीचार्ज करना ही था तो उन्हें और अन्य छात्रों को उस स्थान तक क्यों पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस सवाल का जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने के दौरान उनके और उनके सहयोगी छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने राज्य सरकार से इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

महतो ने कहा कि लाठीचार्ज और बल प्रयोग से छात्रों की आवाज नहीं दबाई जा सकती। छात्र हिंसा का रास्ता नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की।