गांधीनगर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नगर निगमों और नगर पालिकाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों और अधिकारियों को खास निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वे नए प्रोजेक्ट्स की योजना बनाने के साथ-साथ पुराने और पूरे हो चुके विकास कार्यों की स्थिति पर भी उतना ही ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो।
मंगलवार को गांधीनगर में एक कार्यक्रम में शहरी स्थानीय निकायों में विकास कार्यों के लिए 3,850 करोड़ रुपए के चेक बांटे गए। यहां पर सीएम पटेल ने कहा कि राशि की उपलब्धता के साथ-साथ उसका सही इस्तेमाल और काम की अच्छी क्वालिटी भी जरूरी है।
उन्होंने कहा, “नए कामों की योजना बनाने के साथ-साथ, पुराने और पूरे हो चुके कामों की हालत का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।” उन्होंने चुने हुए प्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर साइट का दौरा करने को कहा ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रोजेक्ट तय मानकों के अनुसार पूरे किए जा रहे हैं।
पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेहतर वित्तीय प्रबंधन की वजह से अब शहरों और नगर निगमों में जन-कल्याण के कामों के लिए राशि की कोई कमी नहीं है। नागरिकों की बढ़ती उम्मीदें जीवन की सुगमता में सुधार और सार्वजनिक कार्यों के दिखने वाले असर को दर्शाती हैं।
मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों को पक्का करने का भी निर्देश दिया कि शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में नई बनी सड़कें रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (आरसीसी) का इस्तेमाल करके बनाई जाएं। उन्होंने शहरी सफाई पर ज्यादा ध्यान देने और लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई का सुझाव दिया।
उन्होंने शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। पटेल ने कहा, “राज्य सरकार ने नई विकसित टाउन प्लानिंग योजनाओं में पेड़ लगाने के लिए लगभग एक प्रतिशत जमीन आरक्षित करने का फैसला किया है। इस प्रावधान का इस्तेमाल जनता के लाभ के लिए बगीचे, पार्क और ऑक्सीजन पार्क बनाने के लिए किया जाना चाहिए।”
शहरी विकास और वित्त मंत्री कानू देसाई ने कहा कि सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शहरों में विकास कार्य राशि की कमी के कारण नहीं रुके हैं। लेकिन, हमें यह पक्का करने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है कि ये काम उच्च गुणवत्ता वाले हों। शहरी विकास योजना में जलवायु परिवर्तन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने स्थानीय निकायों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत शहरों को हरा-भरा बनाने और सफाई के प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
राज्य के शहरी स्थानीय निकायों को स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत 3,850 करोड़ रुपए मिले। इसमें से 2,992 करोड़ रुपए 17 नगर निगमों को और 858 करोड़ रुपए 152 नगर पालिकाओं को आवंटित किए गए।

