Wednesday, August 12, 2026
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अगर मैं इतिहास के पन्ने बदल सकता, तो चाहता सिंध को भारत वापस लाया जाए : इंद्रजीत लंकेश

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मुंबई, 12 अगस्त (आईएएनएस)। निर्देशक इंद्रजीत लंकेश अपनी आगामी विभाजन-कालीन ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म ‘जय हिंद, जय सिंध: ए लव स्टोरी’ लेकर आ रहे हैं। निर्देशक ने आईएएनएस के साथ बातचीत में फिल्म की हल्की-सी झलक देते हुए बताया कि यह फिल्म सिंधी कम्युनिटी के उस दर्द को बयां करती है, जिसे उन्होंने बटवारे के दौरान झेला था।

उन्होंने बताया, “यह फिल्म यंग कपल की लव स्टोरी है, जो प्यार और बटवारे के बैकग्राउंड में सेट है। साथ ही, यह तीन पीढ़ियों की कहानी को दिखाता है। बेशक, यह एक मेनस्ट्रीम फिल्म है जिसमें महेश मांजरेकर, जयाप्रदा, इंदिरा तिवारी, राहुल देव और विक्रम कोचर जैसे एक्टर्स हैं। चार यंग और टैलेंटेड एक्टर्स के साथ एक बड़ी स्टार कास्ट है। यह फिल्म भले ही प्यार पर आधारित है, लेकिन इसके मूल में यह सिंधी कम्युनिटी के उस दर्द को बयां करती है, जिसे उन्होंने बटवारे के समय झेला था।”

उन्होंने कहा, “इस फिल्म के जरिए हम एक दर्दनाक इतिहास को दिखाएंगे, जहां बहुत से लोगों ने अपनी जमीन, परिवार, बच्चे, पिता और लगभग सब कुछ खो दिया जो उनके पास था। जब विभाजन हुआ था, तो बहुत से लोग पाकिस्तान से भारत आए थे और उन लोगों में से एक सिंधी भी थे। मुझे सच में उनके लिए बहुत बुरा लगता है।

निर्देशक ने ये भी स्पष्ट किया कि फिल्म उन सवालों के बारे में है, जिसे आज तक सिंध कम्युनिटी ढूंढ रही है, क्योंकि उनकी पुरखों की जमीन, सिंध, में है, जो कि अब पाकिस्तान का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “बंटवारे से पहले, वे भारतीय थे, और वे आज भी हैं। वे हमारे भाई-बहन हैं, लेकिन उनके पुरखे, दादा-दादी की यादें, जमीन, घर और उनके पास जो कुछ भी था, वह सब अभी भी पाकिस्तान में है। इसलिए मैं कहता हूं कि यह भारतीय इतिहास के पन्नों का एक बहुत दर्दनाक चैप्टर है। मुझे अब भी लगता है कि सिंधी इससे बेहतर के हकदार हैं।”

निर्देशक ने सिंध कम्युनिटी के बारे में बात करते हुए बताया, “सिंधी का इतिहास और कल्चर बहुत समृद्ध है। वे अपनी पुरानी जमीन वापस चाहते हैं और मेरा मानना है कि वह भारत का हिस्सा है। असल में, सूफी म्यूजिक सिंधियों ने शुरू किया था। मुझे उनके कल्चर से प्यार है और बहुत दर्द और दुख के साथ मैं कहता हूं कि यह पाकिस्तान का हिस्सा बन गया है। अगर मैं इतिहास के पन्ने बदल सकता, तो मैं चाहता कि सिंध को भारत वापस लाया जाए क्योंकि मेरा मानना ​​है कि यह भारत का है और सिंधी भारत का एक जरूरी हिस्सा हैं।”