नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने लंबी दूरी की मारक क्षमता हासिल करते हुए रूस के अहम ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है। यूक्रेन ने रूस के साइबेरिया क्षेत्र में 2,500 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित तेल रिफाइनिंग सुविधा को निशाना बनाने का दावा किया है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस के रणनीतिक ठिकानों तक उसकी पहुंच बढ़ रही है।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ”यूक्रेन की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता ने एक नया मुकाम हासिल किया है। यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने रूस के तेल रिफाइनिंग उद्योग की एक और महत्वपूर्ण सुविधा को निशाना बनाया है। इस बार हमला साइबेरिया के टोबोल्स्क शहर में किया गया, जो यूक्रेन से 2,500 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है।”
मंत्रालय ने कहा कि रूस के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि उसके पास अब पूरी तरह सुरक्षित रणनीतिक पिछला क्षेत्र (स्ट्रैटेजिक रियर) नहीं बचा है। यूक्रेन की लगातार बढ़ती लंबी दूरी के हमले करने की क्षमता के कारण रूस के युद्ध को समर्थन देने वाले अधिक से अधिक बुनियादी ढांचे अब उसकी पहुंच में आ रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि आगे भी गहरे और लंबी दूरी के हमले करता रहेगा। इसका उद्देश्य साफ है, रूस को यह समझाना कि युद्ध जारी रखने की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है और आखिरकार शांति ही एकमात्र रास्ता है।
रूस और यूक्रेन में दोनों ओर से हमले जारी हैं। मंगलवार को भी रूस ने यूक्रेनी सैन्य ठिकानों और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन के डोनेट्स्क, खार्किव और सूमी क्षेत्रों में हवाई हमले किए।
मंत्रालय ने बताया कि रूसी एयरोस्पेस बलों ने डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (डीपीआर) के साथ-साथ खार्किव और सूमी क्षेत्रों में यूक्रेनी सैन्य इकाइयों के अस्थायी ठिकानों और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर हमले किए।
मंत्रालय ने बताया कि रूसी सशस्त्र बलों की टोही कार्रवाई के दौरान यूक्रेनी सैनिकों के अस्थायी तैनाती स्थलों और एक मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) नियंत्रण केंद्र की पहचान की गई। इसके बाद रूसी एयरोस्पेस बलों के विमानों ने फैब-250 हवाई बमों और एलएमयूआर एयर-लॉन्च मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए इन लक्ष्यों पर हवाई हमले किए। फैब-250 बम यूनिवर्सल ग्लाइडिंग और करेक्शन मॉड्यूल से लैस थे।

