गुवाहाटी, 12 अगस्त (आईएएनएस)। बाढ़ से क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत के लिए असम सरकार ‘मिशन मोड’ में काम कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को बताया कि जोरहाट जिले में पांच में से टूटे हुए चार तटबंधों की मरम्मत का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य प्रशासन बाढ़ राहत कार्य अभियान के तहत प्राथमिकता के आधार पर तटबंधों की मरम्मत और मजबूती का काम कर रहा है ताकि आगे के नुकसान को रोका जा सके।
उन्होंने कहा, “जोरहाट में 5 में से 4 ब्रेक पॉइंट का काम पहले ही पूरा हो चुका है, सलमारा में बचा हुआ काम पूरा होने वाला है।”
बाढ़ से कई जगहों पर तटबंधों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद राज्य सरकार बाढ़ नियंत्रण ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। तटबंध असम के बाढ़ प्रभावित गांवों और खेतों को बढ़ते पानी से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन ढांचों में दरार आने से गांवों, खेतों और बुनियादी ढांचों में तेजी से पानी भर जाता है। इसलिए समय पर मरम्मत करना बहुत जरूरी है।
सरकार ने अधिकारियों और फील्ड एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे संवेदनशील जगहों पर मरम्मत का काम तेज करें और तटबंधों को इतना मजबूत बनाएं कि भविष्य की बाढ़ का सामना कर सकें।
जोरहाट में चल रहा काम राज्य के व्यापक बाढ़ राहत प्रयासों का हिस्सा है। चार ब्रेक पॉइंट के पूरे होने से प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ेगी। वहीं, सलमारा का काम भी जल्द पूरा करने के लिए तेजी लाई गई है।
असम नदियों का जाल होने के कारण हर साल बाढ़ की चपेट में आता है। यहां ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां बहती हैं। बाढ़ से कई जिलों में घर, खेती, सड़कें और अन्य सार्वजनिक ढांचे प्रभावित होते हैं।
राज्य सरकार रोकथाम के उपायों पर भी ध्यान दे रही है। इसमें संवेदनशील इलाकों में तटबंधों को मजबूत करना और अगली बाढ़ से पहले बेहतर तैयारी करना शामिल है।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के इस अपडेट से साफ है कि प्रशासन क्षतिग्रस्त बाढ़ नियंत्रण ढांचे को जल्द ठीक करने के साथ-साथ भविष्य के खतरों से बचाव के लिए तटबंधों को मजबूत करने पर भी काम कर रहा है।
सीएम हिमंता ने कहा कि सरकार मिशन मोड में काम करती रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाढ़ प्रबंधन और कमजोर समुदायों की सुरक्षा को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

