Wednesday, August 12, 2026
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विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री पर कसा तंज, कहा- ‘सरकार जानबूझकर बाधित कर रही कार्यवाही’

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नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान देने पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित होने दी और अब सत्र समाप्त होने से ठीक पहले बयान देने की बात कही जा रही है।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष पिछले 17-18 दिनों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लोकसभा में आकर बयान देने की मांग कर रहा है। संसदीय कार्य मंत्री ने भी तीन दिन पहले गृह मंत्री के सदन में बयान देने की जानकारी दी थी। विपक्ष अपनी भूमिका निभाता रहेगा और यदि सरकार की ओर से कोई गलती या गलत कदम होता है तो विपक्ष संविधान के तहत सरकार से जवाब मांगने और उसे सुधारने की मांग करेगा।

आप सांसद संजय सिंह ने भी सरकार पर संसद का सत्र टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्र का अंतिम दिन नजदीक है और अब गृह मंत्री के बयान देने के लिए तैयार होने का मतलब यह है कि सरकार ने पहले जानबूझकर गतिरोध बनाए रखा। सरकार की कोशिश रही कि संसद की कार्यवाही अधिक से अधिक समय तक न चल सके।

इसी बीच राज्यसभा में सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास से कथित तौर पर ‘लुंगीवाला’ कहे जाने को लेकर विवाद सामने आया। ब्रिटास ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने उनके लिए यह टिप्पणी की। मामले को लेकर सदन में हंगामा हुआ और ब्रिटास ने इसे व्यक्तिगत अपमान के साथ-साथ संसद की गरिमा तथा देश की सांस्कृतिक विविधता से जुड़ा मुद्दा बताया।

संजय सिंह ने इस विवाद पर ब्रिटास का समर्थन करते हुए कहा कि भारत विभिन्न धर्मों, भाषाओं, जातियों, संस्कृतियों और पहनावों वाला देश है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत और केरल सहित कई राज्यों की सांस्कृतिक पहचान में लुंगी का विशेष स्थान है और किसी सांसद के पहनावे को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री के बयान को लेकर कहा कि उन्हें मीडिया के जरिए नहीं, बल्कि सीधे सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। सदन की बैठक में गृह मंत्री आएं और वही बात सदन के भीतर कहें, इसके बाद विपक्ष अपना रुख तय करेगा।