विजयपुरा (कर्नाटक), 12 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने तब दखल दिया जब स्कूली छात्राओं का एक समूह बाबलेश्वर तालुक के ममादापुर गांव के पास फंसा हुआ मिला। आरोप है कि सरकारी बस ड्राइवर ने उन्हें लेने के लिए बस नहीं रोकी थी।
मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो बनाया गया था, जो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पाटिल एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी उन्होंने छात्राओं को सड़क किनारे इंतजार करते देखा। उन्होंने अपनी कार रोकी और उनसे बात करने के लिए उनके पास गए। ज्यादातर छात्राएं थीं, जिन्होंने मंत्री को बताया कि विजयपुरा-किलराहट्टी-ममादापुर रूट पर चलने वाली सरकारी बस उन्हें इंतजार करते हुए देखने के बावजूद बिना रुके चली गई थी।
छात्राओं ने पाटिल को बताया कि ड्राइवर ने कहा था कि उसके पास रुकने का समय नहीं है और वह बस लेकर चला गया, जिससे वे वहीं फंसी रह गईं।
इस घटना से नाराज होकर पाटिल ने तुरंत विजयपुरा डिविजनल कंट्रोलर डीए बिरदार को फोन किया और ड्राइवर के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारी को ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई करने और लापरवाही के आरोप में उसे सस्पेंड करने का आदेश दिया।
जब अधिकारी ने यह समझाने की कोशिश की कि छात्राओं को ले जाने के लिए इंतजाम किए जाएंगे, तो पाटिल ने जोर देकर कहा कि ड्राइवर के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
पाटिल ने अधिकारी से कहा, “मैं सिर्फ इंतजाम नहीं चाहता। ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
इस घटना को शर्मनाक बताते हुए पाटिल ने संभागीय नियंत्रक को निर्देश दिया कि वे छात्रों के लिए तुरंत परिवहन की व्यवस्था करें और समस्या के समाधान के लिए स्वयं मामादपुर का दौरा करें।
फोन पर बातचीत के बाद, छात्र फिर से मंत्री के पास जमा हो गए और अपनी चिंताएं बताईं। पाटिल ने धैर्यपूर्वक उन्हें आश्वासन दिया कि वरिष्ठ परिवहन अधिकारी मौके पर पहुंचेंगे और उनके निजी सचिव भी मौजूद रहेंगे ताकि भविष्य में छात्रों को बस सेवाओं में कोई असुविधा न हो।
छात्रों की शिकायतों पर पाटिल के हस्तक्षेप और त्वरित प्रतिक्रिया की सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने सराहना की है।

