नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जुलाई 2026 में असम में आई बाढ़ के दौरान बादल फटने की कोई घटना नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि यह बाढ़ असम, पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में लगातार हुई बारिश के कारण आई थी।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में असम में बाढ़ से हुए नुकसान, हताहतों और अनुग्रह राशि राहत के संबंध में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह स्पष्टीकरण दिया।
राय ने कहा कि असम सरकार द्वारा दी गई जानकारी से संकेत मिलता है कि जुलाई में आई बाढ़ न केवल राज्य में, बल्कि पड़ोसी राज्यों अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी लगातार हुई बारिश के कारण हुई थी। मंत्री ने कहा, “गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र-भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आरएमसी-आईएमडी) द्वारा बादल फटने की कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।”
यह स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्यसभा में उठाए गए प्रश्न में विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से प्रभावित असम के जिलों का विवरण और जुलाई के दौरान बादल फटने और बाढ़ से हुई जिलावार मौतों का विवरण मांगा गया था।
केंद्र के अनुसार, जुलाई 2026 के दौरान बाढ़ के कारण हुई मौतों का जिलावार विवरण असम सरकार द्वारा अपनी आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली (डीआरआईएमएस) के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था।
इस जवाब में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हुई मौतों के मामलों में पोस्टमार्टम जांच को लेकर जताई गई चिंताओं का भी समाधान किया गया। राय ने कहा कि असम सरकार द्वारा 1 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार बाढ़ और अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं, जिनमें राज्य-विशिष्ट आपदाएं भी शामिल हैं, के कारण हुई मौतों के मामलों में अनुग्रह राशि की मंजूरी और भुगतान के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है।
मंत्री ने कहा कि यह सहायता राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के मानदंडों के तहत प्रदान की जाती है।
केंद्र ने आगे खुलासा किया कि 4 अगस्त 2026 तक 71 मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि सहायता प्रदान की जा चुकी है।
यह स्पष्टीकरण मानसून के मौसम में असम में व्यापक बाढ़ के बीच आया है, जिसमें राज्य और पड़ोसी पूर्वोत्तर राज्यों के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई है और कई क्षेत्रों में जलमग्नता फैल गई है।
गृह मंत्रालय के जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्र के आकलन में जुलाई की बाढ़ का कारण बादल फटने की घटना को नहीं बताया गया है। इसके बजाय, आधिकारिक स्पष्टीकरण में असम और उसके पड़ोसी राज्यों में लगातार और तीव्र वर्षा को बाढ़ का मुख्य कारण बताया गया है।
राज्यसभा में यह सवाल सांसद तेराश गोवाला ने उठाया था, जिन्होंने यह जानकारी भी मांगी थी कि क्या सभी पीड़ितों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया था और मृतकों के परिवारों को दी गई वित्तीय या प्रशासनिक सहायता का विवरण भी मांगा था।
केंद्र की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि असम सरकार की राहत व्यवस्था के तहत अधिसूचित आपदा संबंधी मौतों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अनिवार्य बनाए बिना ही अनुग्रह राशि का भुगतान किया जा सकता है, जबकि 4 अगस्त तक 71 पीड़ितों के परिवारों तक राहत राशि पहुंच चुकी है।

