Thursday, August 13, 2026
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केरल: मीडिया संस्थानों के मालिकाना हक को लेकर राजीव चंद्रशेखर ने जताई चिंता

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तिरुवनंतपुरम, 12 अगस्त (आईएएनएस)। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कथित तौर पर आपराधिक मामलों और गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों द्वारा मीडिया संगठनों के स्वामित्व और नियंत्रण पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा करती है और चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता को कमजोर करती है।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब केरल के खेल मंत्री ओ.जे. जनीश के अनुसार मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की कैबिनेट की गुरुवार को होने वाली बैठक में इस मामले की व्यापक जांच की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

चंद्रशेखर की यह टिप्पणी अर्जेंटीना फुटबॉल टीम को केरल लाने के प्रस्ताव और मेस्सी प्रकरण से जुड़े 126 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच आई है।

उन्होंने वित्तीय लेन-देन और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकरण से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

चंद्रशेखर ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। उन्होंने तर्क दिया कि वॉचडॉग (निगरानीकर्ता) के तौर पर काम करने की उम्मीद वाले मीडिया संगठन जनता का भरोसा तब तक बनाए नहीं रख सकते, जब उनके मालिकों पर ही गंभीर आरोप हों और आपराधिक कार्रवाई चल रही हो।

चंद्रशेखर ने कहा कि किसी को सिर्फ इसलिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता कि वह आरोपी है, लेकिन मट्टिल में पेड़ काटने के मामले में चल रही कानूनी कार्रवाई और ‘रिपोर्टर टीवी’ के मालिक से जुड़े आरोपों ने मीडिया संस्थान की विश्वसनीयता और जवाबदेही पर वाजिब सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की टीम के प्रस्तावित केरल दौरे को लेकर हुए विवाद ने वित्तीय और प्रक्रियात्मक सवाल खड़े किए हैं, जिनका स्पष्ट जवाब मिलना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि खेल विभाग की जांच रिपोर्ट ने खुद ही ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जिसकी और जांच की जरूरत है।

चंद्रशेखर ने ‘रिपोर्टर टीवी’ और उसके मालिकों पर बार-बार लगाए गए आरोपों से बचने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि प्रेस की आजादी का मतलब जवाबदेही से आजादी या कानून से सुरक्षा नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि मीडिया की आजादी का मतलब कानून से ऊपर होना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया संस्थानों और उनके मालिकों को पारदर्शिता और जवाबदेही के दायरे में रहना चाहिए।

उन्होंने जांच एजेंसियों से विवादों से जुड़े फंड के स्रोतों का पता लगाने और उन्हें उजागर करने को कहा। उन्होंने तर्क दिया कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले या गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को मीडिया संस्थानों का इस्तेमाल ढाल के तौर पर नहीं करने दिया जाना चाहिए।

भाजपा नेता और विधायक ने कहा कि केरल के मीडिया सेक्टर को राजनीतिक या आर्थिक हितों का जरिया नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने मीडिया सेक्टर में देश-विरोधी ताकतों के असर बढ़ने की आशंका के बारे में भी चेतावनी दी और कहा कि इससे लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मेस्सी से जुड़ा विवाद फुटबॉल के मैदान से आगे बढ़कर पैसे, कॉन्ट्रैक्ट और आधिकारिक जवाबदेही से जुड़े सवालों तक पहुंच गया है।