संयुक्त राष्ट्र, 13 अगस्त (आईएएनएस)। कोलंबिया में सोमवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 265 हो गई है। इस आपदा में 3,494 लोग घायल हुए हैं और 496 लोग अभी लापता हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) और उसके साझेदार सरकार के नेतृत्व में चल रहे राहत और बचाव कार्यों में लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह जानकारी ओसीएचए ने दी।
ओसीएचए ने कहा कि भूकंप के कारण बड़ी संख्या में घरों और सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में मानवीय जरूरतों का आकलन अभी जारी है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में संचार सेवाओं, परिवहन और सरकारी सुविधाओं में आई बाधाओं के कारण राहत कार्यों में कठिनाई हो रही है।
ओसीएचए ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय, खाद्य सहायता, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन राहत के लिए संसाधन भी जुटा रहे हैं। ओसीएचए ने बताया कि वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) भोजन भेज रहा है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) देश में मौजूद अपने गोदामों से चिकित्सा सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में भेज रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र के केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष (सीईआरएफ) से धन उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है।
हक ने कहा कि जैसे ही नुकसान की पूरी जानकारी सामने आएगी, संयुक्त राष्ट्र कोलंबिया के लिए भूकंप राहत सहायता की अपील जारी करेगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की जरूरतें बेहद गंभीर होने की संभावना है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने बताया कि इस आपदा से 53,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए वह आर्थिक आपातकाल घोषित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अभी लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान पर बनी हुई है।
इससे पहले, 11 अगस्त को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोलंबिया के विदेश मंत्री ओमर बुला एस्कोबार के प्रति संवेदना व्यक्त की थी।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कोलंबिया में भूकंप से हुई जान-माल की भारी क्षति से मैं बेहद दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।”

