हैदराबाद, 13 अगस्त (आईएएनएस)। बीआरएस के उपनेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने गुरुवार को तेलंगाना सरकार से रायदुर्ग पनमकथा गांव में प्रस्तावित 10.63 एकड़ भूमि की नीलामी को तत्काल रद्द करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भूमि विरासत, स्वामित्व और कानूनी विवादों के अधीन है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को लिखे एक खुले पत्र में बीआरएस नेता हरीश राव ने तेलंगाना राज्य औद्योगिक अवसंरचना निगम (टीजीआईआईसी) द्वारा 17 और 21 अगस्त को सर्वे संख्या 83/1 में भूमि की नीलामी करने के निर्णय पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वे संख्या 83 को नगर प्रशासन विभाग के दिनांक 2 जनवरी, 2003 के जीओएमएस संख्या 4 के तहत विरासत क्षेत्र घोषित किया गया था, और सवाल किया कि सरकार इसकी कानूनी स्थिति और स्वामित्व स्थापित किए बिना इसकी नीलामी कैसे कर सकती है।
हरीश राव ने आरोप लगाते हुए पूछा कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को व्यावसायिक संपत्ति की तरह मान रही है। क्या आप मुख्यमंत्री हैं या कोई रियल एस्टेट एजेंट, रेवंत रेड्डी?
वरिष्ठ बीआरएस नेता ने 2020 के एक मामले का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा कि तत्कालीन विपक्ष में रहे रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सर्वे संख्या 83 के अंतर्गत आने वाली भूमि में तीसरे पक्ष के हितों के निर्माण के खिलाफ सुरक्षा की मांग की थी।
उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वही व्यक्ति उसी विवादित भूमि पर तीसरे पक्ष के हितों को कैसे पनपने दे सकता है? क्या विपक्ष में एक नियम होता है और सत्ता में दूसरा?
उन्होंने बताया कि इसी सर्वे नंबर की 6.2 एकड़ जमीन पहले लगभग 237 करोड़ रुपए प्रति एकड़ के भाव से नीलाम की गई थी, जिसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने संपत्ति पर अपना मालिकाना हक जताते हुए अदालत का रुख किया। उन्होंने कहा कि यह मामला तेलंगाना उच्च न्यायालय में लंबित है।
हरीश राव ने बताया कि विवाद के बावजूद सरकार अब लगभग 5.25 एकड़ और 5.38 एकड़ के दो हिस्सों में 10.63 एकड़ जमीन नीलाम करने का प्रस्ताव कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि यह जमीन विरासत क्षेत्र, राजस्व, स्वामित्व और वक्फ से संबंधित कई दावों के अधीन है, और उन्होंने यह भी कहा कि जामिया निजामिया ने भी इस जमीन पर अपना अधिकार जताया है।

