नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने गुरुवार दिल्ली में आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान सेना प्रमुख ने और महिला सैन्य अधिकारियों सम्मानित किया। ये महिला सैन्य अधिकारी, सेंटर फॉर यूनाइटेड नेशन पीस कीपिंग द्वारा आयोजित आसियान-संयुक्त राष्ट्र महिला सैन्य अधिकारी पाठ्यक्रम में हिस्सा ले रही हैं।
जनरल सेठ ने इस पाठ्यक्रम में शामिल हुई आसियान देशों की 11 महिला सैन्य अधिकारियों व भारतीय महिला सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत भी की। इस बातचीत में सेना प्रमुख ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की।
गौरतलब है कि यह विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 10 से 21 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सैन्य अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तैनाती से पहले आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना है। यहां मिलने वाले प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों से जुड़े विभिन्न पहलुओं, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
यह पहल भारत और आसियान देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस पाठ्यक्रम की घोषणा रक्षा मंत्री ने वर्ष 2025 में कुआलालंपुर में आयोजित तीसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान की थी। इस पहल के माध्यम से भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की भूमिका और भागीदारी बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है। साथ ही, इसका उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग और सैन्य क्षमता निर्माण को भी बढ़ावा देना है।
दरअसल, भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में महिला सैन्य अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए भारत न केवल महिला भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि आसियान देशों के साथ सैन्य प्रशिक्षण और अनुभवों के आदान-प्रदान को भी मजबूत कर रहा है।
रक्षा सहयोग के लिहाज से यह पाठ्यक्रम भारत-आसियान संबंधों में महिला सैन्य अधिकारियों की भूमिका बढ़ाने और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए साझा क्षमताएं विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

