नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी के बयान और प्रधानमंत्री पर की गई उनकी टिप्पणियां शर्मनाक हरकत और तीसरे दर्जे की गंदी राजनीति का उदाहरण हैं।
सीआर केशवन ने कहा, “राहुल गांधी का शर्मनाक स्टंट और प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर की गई घटिया टिप्पणियां राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व की गिरती हुई सोच को उजागर करती हैं। राहुल गांधी के असभ्य और अशिष्ट कारनामे कांग्रेस पार्टी की हताशा को दिखाते हैं।”
राहुल गांधी को विदेश नीति पर बात करने से पहले नेहरू के कार्यकाल का हिसाब देने की सलाह देते हुए केशवन ने कहा, “अगर राहुल गांधी विदेश नीति पर बात करना चाहते हैं तो पहले 17 साल तक विदेश मंत्री रहे नेहरू के कार्यकाल के बारे में बात करें, जो नाकामी और असफलताओं से भरा था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पहला परिवार नेहरू के पत्रों के 51 सूती बक्सों को लौटाने से इनकार कर रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “इन 51 सूती बक्सों में नेहरू द्वारा एडविना माउंटबेटन को लिखे गए पत्र भी शामिल हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस का पहला परिवार इन पत्रों को लेकर रहस्य का आवरण क्यों बनाए हुए है? पहले राहुल गांधी इसका जवाब दें।”
सीआर केशवन ने तत्कालीन नेहरू सरकार के फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि “नेहरू ने कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाकर गलती की, जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने अनुच्छेद 370 को निरस्त किया।”
उन्होंने कहा, “नेहरू ने पाकिस्तान के पक्ष में एकतरफा सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर कर देश के किसानों के साथ धोखा किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निलंबित किया। नेहरू ने 38 हजार वर्ग किलोमीटर अक्साई चिन गंवा दिया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने ऑपरेशन सिंदूर के तहत अपनी एक बड़ी सैन्य जीत हासिल की।”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से अपनी ‘फूहड़ बयानबाजी’ से राजनीतिक विमर्श को दूषित कर रहे हैं। राहुल गांधी की असंस्कृत, असभ्य और गैर-गरिमापूर्ण राजनीति की वजह से ही जनता ने उन्हें बार-बार नकार दिया है। आज राहुल गांधी भारतीय राजनीति के लिए बड़ी बोझ बन गए हैं।
सीआर केशवन ने कहा कि राहुल गांधी की भाषा और व्यवहार से देश की राजनीति का स्तर गिरा है और कांग्रेस को अपनी राजनीति पर आत्ममंथन करने की जरूरत है।

