नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने केंद्र की केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी की विदेश नीति संबंधी टिप्पणी का समर्थन करते हुए माथर ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के दौर में भारत अपने राष्ट्रीय हितों और विदेश नीति को लेकर स्पष्ट रुख रखने के बजाय अमेरिका के सामने झुकता नजर आ रहा है।
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि विदेश नीति का अर्थ देश के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर फायदे और नुकसान का आकलन करने के बाद स्पष्ट रुख अपनाना है। इसके चलते केंद्र सरकार ने कई गलत समझौते भी किए है, जिससे देश को नुकसान हो रहा है। आज स्थिति ऐसी है कि यह स्पष्ट नहीं है कि भारत किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर वास्तव में क्या चाहता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के हितों के लिए मजबूती से अपनी बात रखते हुए सुनने के बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति को व्यापार और टैरिफ से जुड़े फैसलों की घोषणा करते देखा जाता है।
कांग्रेस सांसद ने अमेरिका के साथ व्यापार और टैरिफ के मुद्दे का हवाला देते हुए कहा कि भारत को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान भारत की भूमिका और आवाज कहां थी। माथर के अनुसार, भारत की राय को पर्याप्त महत्व नहीं मिला।
उन्होंने मौजूदा विदेश नीति की तुलना पंडित जवाहरलाल नेहरू के दौर से करते हुए कहा कि दोनों में काफी अंतर दिखाई देता है।
माथर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों को लेकर कांग्रेस की आलोचना का भी जिक्र किया। व्यंग्य करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री ‘हग डिप्लोमेसी’ अपनाते हैं तो लोग ऐसे कदमों को लेकर हैरान रह जाते हैं।
राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर भाजपा के लगातार विरोध पर भी माथर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक शब्द बोलते हैं तो भाजपा के कई नेता प्रतिक्रिया देने के लिए सामने आ जाते हैं और एक लाइन पर कई प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित हो जाती हैं।
माथर ने सवाल किया कि अगर भाजपा राहुल गांधी की बातों को केवल मजाक या कॉमेडी मानती है, तो फिर इतना पलटवार क्यों करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा इन टिप्पणियों को नजरअंदाज भी कर सकती है।
कांग्रेस सांसद माथर ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी अलायंस के घटक दल एकजुट हैं। विपक्ष लगातार साथ रहा है।

