Saturday, August 15, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति तिरंगा संप्रभुता, देशभक्ति और निस्वार्थ भाव का प्रतीक है: सीएम माणिक साहा

तिरंगा संप्रभुता, देशभक्ति और निस्वार्थ भाव का प्रतीक है: सीएम माणिक साहा

0
5

अगरतला, 14 अगस्त (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि तिरंगा देश की संप्रभुता, गौरव, राज-कौशल, चेतना, देशभक्ति और निस्वार्थ भाव का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान बनाए रखने का आग्रह किया।

महाराजा बीर बिक्रम कॉलेज में ‘हर घर तिरंगा’ रैली और ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन के दौरान कई लोगों की जान गई, महिलाओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और बच्चे लापता हो गए। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी बातें नहीं भूलनी चाहिए। विभाजन के कारण कई लोगों को गंभीर समस्याओं और पीड़ा का सामना करना पड़ा।

साहा ने बताया कि 1947 के विभाजन के बाद, हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदायों के लाखों लोगों ने सीमा पार की और भारी कठिनाइयों का सामना करते हुए भारत आए। विभाजन के कारण अशांति, सांप्रदायिक झड़पें और कई अन्य समस्याएं भी पैदा हुईं। उन्होंने कहा कि उस दौर में पीड़ित लोगों के सम्मान में 2021 से ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में देश के बारे में नहीं सोचते। फिर भी, जब कोई विदेशी दुश्मन हमला करता है या देश किसी संकट का सामना करता है, तो सभी को देश के महत्व का एहसास होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए देश सबसे पहले है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की, तो हमने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू किया और यह पांचवां साल है। जब उन्होंने यह आह्वान किया, तो पूरे देश में उत्साह की लहर देखी गई और इससे लोगों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए भी प्रोत्साहन मिला।

साहा ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान नागरिकों और तिरंगे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने और आजादी की लड़ाई के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायकों को श्रद्धांजलि देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज की पीढ़ी ने बंटवारे की भयावहता को नहीं देखा है। इसलिए, युवाओं को उस दौर के इतिहास और पीड़ा के बारे में जागरूक करना जरूरी है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

साहा ने कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज सिर्फ कपड़े का एक टुकड़ा या तीन रंगों का समूह नहीं है। हमें इसकी महानता और महत्व को समझना चाहिए। सबसे पहले, विकास जरूरी है। अगर हम एकजुट रहें और खुद को मजबूत करें, तो राज्य और देश दोनों ही और तरक्की करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हर नागरिक के लिए गर्व की बात है और इसमें आजादी के लिए लड़ने वालों और शहीदों के बलिदान का इतिहास समाहित है। उन्होंने कहा कि हमारा तिरंगा संप्रभुता, गौरव, राज-कौशल, चेतना, देशभक्ति और निस्वार्थ भाव का प्रतीक है। इसीलिए हम सभी को अपने राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान बनाए रखना है।