अहमदाबाद, 14 अगस्त (आईएएनएस)। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अहमदाबाद ने शुक्रवार को जोधपुर से कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाई गई दो नाबालिग लड़कियों को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया। इस मामले में बेंगलुरु ले जाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने डिजिटल सबूतों और जोधपुर पुलिस के सहयोग से उनकी तलाश की।
यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन सेवा’ के तहत की गई। आरपीएफ अहमदाबाद को जोधपुर शहर के कूड़ी भगतासनी पुलिस स्टेशन से सूचना मिली थी कि दो नाबालिग लड़कियां लापता हैं और उनके ट्रेन से यात्रा करने की आशंका है।
सूचना मिलते ही अहमदाबाद आरपीएफ के इंस्पेक्टर ने सब-इंस्पेक्टर सोनू कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रितेश यादव और अन्य कर्मियों की एक टीम गठित की।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नंबर 20693, जोधपुर-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस की जांच के दौरान टीम ने एक नाबालिग लड़की की पहचान कर ली।
लड़की के साथ मौजूद युवक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन आरपीएफ कर्मियों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। पकड़े जाने से पहले उसने अपना मोबाइल फोन ट्रेन से बाहर फेंक दिया था, जिसमें मौजूद संदेश और कॉल रिकॉर्ड कथित तौर पर डिलीट कर दिए गए थे।
बाद में पुलिस ने नडियाद रेलवे स्टेशन से वह मोबाइल फोन बरामद कर लिया। आरपीएफ ने फोन से जरूरी डेटा दोबारा प्राप्त किया और दूसरे आरोपी का मोबाइल नंबर हासिल किया।
जोधपुर पुलिस की मदद से दूसरे आरोपी की लाइव लोकेशन ट्रैक की गई। इसके बाद उसे दूसरी नाबालिग लड़की के साथ अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उनकी पहचान लड़कियों से सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने लड़कियों को घर से बाहर लाने और जोधपुर रेलवे स्टेशन से उन्हें अपने साथ बेंगलुरु ले जाने की योजना बनाई थी।
आरोपियों के मोबाइल फोन से “आर्यन” नाम से बना एक फर्जी ई-आधार कार्ड और नाबालिग लड़कियों के आधार कार्ड की तस्वीरें भी बरामद हुई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आकिब अंसारी और सैयद इब्राहिम के रूप में हुई है। दोनों बेंगलुरु के निवासी हैं।
अहमदाबाद मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि यात्रियों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद आरपीएफ टीम की त्वरित कार्रवाई, सतर्कता और बेहतर समन्वय के कारण लड़कियों को सुरक्षित बचाया जा सका।
उन्होंने इस अभियान में डिजिटल तकनीक और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय की भूमिका की भी सराहना की।
अहमदाबाद के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अंशुमन त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सेवा के तहत सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी।
उन्होंने कहा, “तकनीकी और डिजिटल सबूतों की मदद से पहले आरोपी का पता लगाया गया, जबकि उसके मोबाइल फोन से मिली जानकारी के आधार पर दूसरे आरोपी को खोजा गया।”
उन्होंने सफल बचाव अभियान का श्रेय जोधपुर पुलिस और आरपीएफ के आपसी समन्वय को दिया तथा कहा कि अहमदाबाद आरपीएफ रेलवे परिसरों में बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।
दोनों लड़कियों और दोनों आरोपियों को अहमदाबाद स्थित आरपीएफ पोस्ट लाया गया। इसके बाद जोधपुर शहर के कूड़ी भगतासनी पुलिस स्टेशन को सूचित किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित मेमोरेंडम के जरिए लड़कियों और आरोपियों को जीआरपी अहमदाबाद को सौंप दिया गया। बाद में उन्हें संबंधित जोधपुर पुलिस अधिकारियों के हवाले किया जाएगा।
इस अभियान में आरपीएफ अहमदाबाद, जीआरपी अहमदाबाद और जोधपुर पुलिस ने मिलकर काम किया। डिजिटल साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई और लड़कियों को राज्य से बाहर ले जाने से पहले सुरक्षित बचा लिया गया।

