Saturday, August 15, 2026
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पीएम मोदी के संबोधन को खेल मंत्री ने किया शेयर, कहा- भारत 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार के तौर पर आगे बढ़ रहा है

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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को लगातार 13वीं बार संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 का भी जिक्र किया। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री के बयान को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

मनसुख मांडविया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पीएम मोदी की बातों का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर आगे बढ़ रहे हैं और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स को भारत होस्ट करने वाला है।” खेल मंत्री द्वारा शेयर किए गए वीडियो में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने खेलों में भारत को मिल रही लगातार कामयाबी की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा, “भारत खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है। अब खेल के पोडियम पर भारत का राष्ट्रगीत सुनाई देता है। भारत का राष्ट्रगान सुनाई देता है। तिरंगा लहराता दिखाई देता है। टॉप्स योजना ने बहुत बड़ी सफलता पाई है। खेल इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स, बिच गेम्स, खेल संरचनाएं, खेल के लिए कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पोर्ट्स के लिए पोषण के क्षेत्र में भारत महारत हासिल कर रहा है।”

मनसुख ने एक अन्य ट्वीट के जरिए पीएम मोदी की ओलंपिक में बाकी खेलों के जगह बनाने की बात को दोहराया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ओलंपिक के उन खेलों में भी जगह बनाने की अपील की, जिसमें भारत अभी शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, “नौजवानों के लिए बहुत बड़ा क्षेत्र खुल रहा है। भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर आगे बढ़ रहे हैं। 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाला है। दुनिया में ओलंपिक खेलों में 40 प्रकार के खेल होते हैं जिसमें करीब 325 से 350 प्रतिस्पर्धाएं होती हैं। हम दो तिहाई खेलों में नहीं होते। हम क्वालीफाई नहीं करते।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हम युवाओं से आग्रह करते हैं कि हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि हम जिन खेलों में क्वालीफाई नहीं कर पाते, उन पर ध्यान दें। हम इसके लिए प्रतिभा खोज अभियान चलाना चाहते हैं। गांव-गांव, शहर-शहर, स्कूल-स्कूल 5 से 15 साल के बच्चों में प्रतिभा ढूंढने के लिए ‘प्रतिभा खोज’ अभियान चलाया जाएगा। प्रतिभा की पहचान की जाएगी और फिर बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा।”