Saturday, August 15, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय नफरत पर आधारित विचारधारा लंबे समय तक नहीं टिक सकती: कृष्ण गोपाल

नफरत पर आधारित विचारधारा लंबे समय तक नहीं टिक सकती: कृष्ण गोपाल

0
5

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने दिल्ली के केशवकुंज में श्री केशव स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण किया और उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।

समारोह के प्रारंभ में राष्ट्रगीत और ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया गया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के दल ने ध्वज को सलामी दी।

देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कृष्ण गोपाल ने कहा कि आज ही के दिन अपना देश सदियों की पराधीनता के बाद स्वतंत्र हुआ। स्वतंत्रता के लिए हजारों लाखों लोगों ने बलिदान दिया है।

उन्होंने कहा कि आज सबसे पहले उन महान पुरुषों एवं महिलाओं को स्मरण करें, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी अथवा जीवनभर कारागारों के पीछे रहे। सिंध के राजा दाहिर, दिल्ली के राजा अनंगपाल, पृथ्वीराज चौहान, राणा सांगा, शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, छत्रशाल महाराज, दक्षिण भारत की चिन्नमा एवं विजय नगर साम्राज्य के वे लोग जो स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए बलिदान हुए। देश के भिन्न-भिन्न स्थानों पर स्वतंत्रता के लिए यह संघर्ष जारी रहा। अंग्रेजों के आने के बाद यह संघर्ष फिर प्रारंभ हुआ।

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्र शेखर आजाद लंबे समय तक संघर्ष करते रहने वाले देश के प्रत्येक प्रांत के बंधुगण, माताएं एवं बहनें, हम उन सभी का स्मरण करते हैं, जिनके बलिदानों के कारण यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

डॉ. कृष्णगोपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश ने तेजी से प्रगति किया। हमारा देश अब महान देश के रूप में आगे बढ़ रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर मैं सभी देशवासियों को शुभकामना देता हूँ कि सारा देश एकजुट होकर आगे बढ़े और विश्व के सामने एक सुंदर आदर्श प्रस्तुत करें।

मीडिया से बातचीत में कृष्ण गोपाल ने कहा, “भारत एक ऐसे देश के तौर पर उभरे जो दुनियाभर में चल रहे अलग-अलग झगड़ों को खत्म करने का संदेश दे सके। भारत एक ऐसा देश और समाज है जो अपनी भारी विविधता के बावजूद सबको साथ लेकर आगे बढ़ना जानता है। आज दुनिया असहिष्णुता से जूझ रही है और शोषण को लेकर भी कई तरह के झगड़े हो रहे हैं। भारत का संदेश है कि हम सभी भाईचारे की भावना के साथ मिल-जुलकर रहें और पूरी दुनिया एक परिवार की तरह आगे बढ़े। यही सभी झगड़ों को सुलझाने का एकमात्र तरीका है। आरएसएस का भी यही संदेश है।”

लाल किले से पीएम मोदी के संबोधन पर कृष्ण गोपाल ने कहा, “यह सही है। नफरत पर आधारित कोई भी विचारधारा लंबे समय तक नहीं टिक सकती और यह भारत की मूल प्रकृति के खिलाफ है। उनका संदेश उचित और सही है।”