Monday, August 17, 2026
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तमिलनाडु विधानसभा में अनुदान मांगों पर होगी विभागवार बहस

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चेन्नई, 17 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा में चार दिन के अवकाश के बाद सोमवार को फिर से बैठक होगी और 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए अनुदान की मांगों पर विभागवार चर्चा शुरू करेगी।

सदन की बैठक निर्धारित समय पर होगी और पहले दिन तीन प्रमुख विभागों से संबंधित मांगों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक आपदा निवारण विभाग शामिल हैं।

सत्ताधारी टीडीपी और विपक्ष दोनों के सदस्यों के बहस में भाग लेने और स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना, चिकित्सा शिक्षा, सार्वजनिक कल्याण कार्यक्रमों, राजस्व प्रशासन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों से संबंधित मुद्दों को उठाने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. केके अरुणराज और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केए सेंगोत्तैयान विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों और प्रश्नों का जवाब देंगे।

बहस के समापन पर दोनों मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं और पहलों की घोषणा किए जाने की भी उम्मीद है। अनुदान मांगों पर चर्चा विधानसभा के बजट सत्र का अगला महत्वपूर्ण चरण है।

नव निर्वाचित टीडीपी सरकार ने 5 अगस्त को 2026-27 के लिए अपना पहला आम बजट पेश किया, जिसके बाद 6 अगस्त को एक अलग कृषि बजट पेश किया गया।

इसके बाद विधानसभा ने 7, 10 और 11 अगस्त को दोनों वित्तीय विवरणों पर संयुक्त चर्चा की। सत्ताधारी दल और विपक्ष के विधायकों ने बहस में भाग लिया और राज्य की वित्तीय स्थिति, विकास प्राथमिकताओं, कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं और कृषि तथा अन्य क्षेत्रों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद ने 12 अगस्त को बहस का जवाब दिया, जिसके साथ ही दोनों बजटों पर आम चर्चा समाप्त हो गई। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर विधानसभा को चार दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था।

व्यापक बजट बहस के विपरीत, अनुदान-मांग संबंधी चर्चाएं व्यक्तिगत विभागों के प्रस्तावित व्यय और नीतिगत प्राथमिकताओं पर केंद्रित होंगी। सदस्यों को आवंटन की समीक्षा करने, सरकारी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में कमियों को इंगित करने और अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नई परियोजनाओं की मांग करने का अवसर मिलेगा।

सरकार इस कार्यवाही का उपयोग वित्तीय वर्ष के लिए अपनी विभागवार योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए भी करेगी।

इस बहस में सरकारी अस्पतालों की स्थिति, डॉक्टरों की उपलब्धता, आपदा राहत व्यवस्था और राजस्व सेवाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। अन्य विभागों की मांगों पर चर्चा विधानसभा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगामी सत्रों में जारी रहेगी।