नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि सरकारी अधिकारियों को नियमित रूप से आम लोगों के बीच जाना चाहिए। लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को सुनने से अधिकारियों को जमीनी स्तर की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को लोगों की शिकायतों और चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय रक्षा संपदा सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात के दौरान ये बातें कहीं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में नागरिकों की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने में लोक सेवकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ‘सेवा भावना’ के साथ करें और लोगों को सुविधाजनक, संवेदनशील तथा जनहितैषी तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दें।
गौरतलब है कि ये अधिकारी राष्ट्रीय रक्षा संपदा प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस दौरान रक्षा मंत्री ने रक्षा संपदा विभाग की भूमिका और देशभर में रक्षा भूमि के प्रबंधन तथा छावनी बोर्डों के नगर प्रशासन में उसके योगदान की सराहना की। रक्षा मंत्री ने रक्षा संपदा विभाग की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में रक्षा भूमि का प्रभावी प्रबंधन और छावनी क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन महत्वपूर्ण दायित्व हैं। रक्षा संपदा विभाग रक्षा भूमि से जुड़े प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ छावनी बोर्डों के माध्यम से विभिन्न नागरिक सुविधाओं और नगर प्रशासन से संबंधित कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नियमों की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ जन-केंद्रित प्रशासन की भावना को भी अपने कार्य का हिस्सा बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि लोक सेवकों और युवा अधिकारियों को अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को आध्यात्मिक मार्ग अपनाने और नियमित रूप से ध्यान करने की सलाह दी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियां कई बार चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण हो सकती हैं। ऐसे में अधिकारियों के लिए मानसिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास से अधिकारियों को अपने भीतर स्थिरता विकसित करने और कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।

