मुंबई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा द्वारा नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों और संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा के बाद शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है।
संजय राउत ने कहा, “कौन वापसी कर रहा है और किसे हटाया जा रहा है, यह पार्टी का आंतरिक संगठनात्मक मामला है। दूसरी पार्टी के लोगों के लिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। कुछ पुराने नेताओं की वापसी हुई है, जिनमें स्मृति ईरानी और राम माधव शामिल हैं जबकि विनोद तावड़े संगठन के सबसे अनुभवी लोगों में से एक हैं। अब देखेंगे कि संगठन आगे कैसे काम करता है।”
वहीं, संजय राउत ने प्रधानमंत्री के 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “दिमागी नक्सल जिसके दिमाग से आया है, या जिसने भी उन्हें यह शब्द लिखकर दिया है, उनके दिमाग के बारे में देश को बहुत चिंता है। उनकी मानसिक स्थिति ठीक है या नहीं, यह देखना पड़ेगा। अगर ठीक नहीं है, तो उनकी मानसिक स्थिति ठीक करनी पड़ेगी।”
बता दें कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ का प्रयोग किया था।
पीएम मोदी ने कहा था कि देश ने हिंसा के रास्ते पर चलने वाले हथियारबंद नक्सलियों के संकट से काफी हद तक मुक्ति पा ली है। उन्होंने चेतावनी दी कि हालांकि सशस्त्र नक्सलवाद कम हो गया है लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ मानसिकता अभी भी सक्रिय है और मौके की तलाश में रहते हैं।

