Tuesday, August 18, 2026
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बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के आठ मछुआरे लापता, तलाश अभियान तेज

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अमरावती, 18 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले के आठ मछुआरे बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने के दौरान लापता हो गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अल्लावरम मंडल के ओडालारेवु, डुम्मलापेटा और वसलाटिप्पा गांवों के रहने वाले ये मछुआरे तीन अगस्त को सुबह करीब 10 बजे ओडालारेवु जेट्टी से नाव लेकर समुद्र में मछली पकड़ने निकले थे। उन्हें 12 अगस्त तक वापस लौटना था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी नाव और मछुआरों का कोई पता नहीं चला।

अधिकारियों के मुताबिक, परिवार के सदस्यों से आखिरी बार तीन अगस्त को सुबह करीब 11 बजे फोन पर संपर्क हुआ था। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। नाव में मोबाइल फोन के अलावा वीएचएफ सेट भी मौजूद था। अधिकारियों का अनुमान है कि नाव उसी दिन शाम करीब छह बजे मछली पकड़ने के क्षेत्र में पहुंची होगी।

घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल को अलर्ट किया और विशेष तलाशी अभियान शुरू किया गया। तटरक्षक बल के कमांडेंट को भी सूचना दी गई है और तटरक्षक पोत समुद्र में लापता नाव और मछुआरों की तलाश कर रहे हैं।

इसके अलावा काकीनाडा, भैरवापलेम, विशाखापत्तनम और पारादीप की मछली पकड़ने वाली नौकाओं को भी अलर्ट किया गया है, ताकि लापता नाव के संबंध में कोई जानकारी मिल सके।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा की और खोज अभियान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को तलाश अभियान और तेज करने तथा लापता मछुआरों और नाव का पता चलने तक अभियान जारी रखने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और उन्हें खोज अभियान की प्रगति की जानकारी देते रहने को कहा। उन्होंने तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि मछुआरों को सुरक्षित तलाशने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

इससे पहले पिछले महीने विशाखापत्तनम में गंगावरम तट से करीब 10 समुद्री मील दूर मछली पकड़ने वाली नाव के पलट जाने से छह मछुआरों की मौत हो गई थी।

सात मछुआरों को लेकर एक यंत्रीकृत मछली पकड़ने वाली नाव एक जुलाई को समुद्र में गई थी। चार जुलाई को तट पर लौटते समय नाव पलट गई थी। एक मछुआरे को एक मालवाहक जहाज के चालक दल ने बचा लिया था और छह जुलाई को उसे तट पर लाया गया था।

भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने चार दिन तक बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया, लेकिन बाकी मछुआरों का पता नहीं चल सका। आठ जुलाई को अभियान बंद कर दिया गया था। राज्य सरकार ने मृत छह मछुआरों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी थी।