नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय बास्केटबॉल स्टार गोविंदा शर्मा का मानना है कि अगर भारत अभी से 3×3 बास्केटबॉल में गंभीरता से निवेश करना शुरू कर दे, तो 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हालांकि, वह मानते हैं कि 2028 लॉस एंजिल्स गेम्स में जगह बनाना मुश्किल हो सकता है।
गोविंदा शर्मा ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “5×5 का एक सही रोडमैप है, लेकिन अगर आप इसके इतिहास को देखें, तो यह मुश्किल है। 3×3 एक नया खेल है और यह सभी के लिए नया है। इसमें भारत के पास बेहतर मौके हैं। अगर हम अभी से कोशिश करें, तो भले ही 2028 ओलंपिक में नहीं, लेकिन 2032 के संस्करण में खेल सकते हैं।”
बास्केटबॉल का छोटा प्रारूप, 3×3 बास्केटबॉल, टोक्यो 2020 गेम्स में ओलंपिक में पहली बार शामिल हुआ था और यह पेरिस 2024 ओलंपिक का भी हिस्सा था। यह फॉर्मेट लॉस एंजिल्स 2028 में फिर से वापसी करेगा, जिसमें पुरुष और महिलाओं की टीमों की संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी।
2028 एलए ओलंपिक में महिला और पुरुषों के लिए पांच ओलंपिक स्थान फीबा 3×3 फेडरेशन रैंकिंग के जरिए तय किए जाएंगे, जबकि शेष छह स्थान चार ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के जरिए तय होंगे। एलए28 साइकिल के लिए रैंकिंग विंडो 24 महीने की है, इसलिए रैंकिंग इवेंट्स में लगातार हिस्सा लेना बहुत जरूरी है।
गोविंदा शर्मा ने बीते पांच-छह वर्षों में 3×3 में काफी हिस्सा लिया है। वह भारत में नंबर-1 रैंक पर रह चुके हैं। उनका मानना है कि रैंकिंग में ऊपर चढ़ने के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना जरूरी है। उन्होंने कहा, “मैंने पिछले पांच-छह वर्षों में हर जगह 3×3 में हिस्सा लिया है। अभी मैं नंबर 2 रैंक पर हूं, लेकिन मैंने खेलना छोड़ दिया है और कोचिंग पर ध्यान दे रहा हूं। 3×3 में, आपको अलग-अलग देशों में जाकर क्वालीफायर खेलने होते हैं। जैसे-जैसे आप जीतते जाते हैं, आप आगे बढ़ते जाते हैं।”
ये बातें ‘3×3 क्वेस्ट इंडिया 2026’ के लॉन्च के दौरान कही गईं, जो फीबा से मान्यता प्राप्त एक प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता का आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के डीएलएफ प्रोमेनेड – एम्पोरियो में होगा। इस टूर्नामेंट को बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई), फीबा और दिल्ली बास्केटबॉल एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त है। जीतने वाली टीम को मंगोलिया में फीबा 3×3 वर्ल्ड सीरीज में खेलने का मौका मिलेगा, साथ ही इस प्रतियोगिता से खिलाड़ियों को फीबा रैंकिंग प्वाइंट्स हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।
शर्मा का मानना है कि ऐसे आयोजन भारत की ओलंपिक महत्वाकांक्षाओं को बड़ा बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा, “जो टीम यह 3×3 क्वेस्ट इवेंट जीतेगी, वह मंगोलिया में वर्ल्ड सीरीज खेलेगी। इससे भारत को प्वाइंट्स मिलेंगे और रैंकिंग भी बेहतर होगी। अगर हम अपनी संभावनाओं को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हमें ऐसे ही टूर्नामेंट्स की जरूरत है।”
चूंकि, 3×3 ओलंपिक क्वालिफिकेशन सिस्टम में अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और नतीजों को काफी महत्व दिया जाता है, इसलिए शर्मा का मानना है कि भारत को मंजूरी प्राप्त प्रतियोगिताओं की बढ़ती संख्या का पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हम अभी से प्रयास शुरू करें और ये टूर्नामेंट खेलते रहें, तो भारत की रैंकिंग बेहतर हो सकती है। इससे हमें अंततः ओलंपिक का सपना देखने का मौका मिल सकता है।”

