गौतमबुद्ध नगर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। जनपदवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के आयुक्त, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग की टीमें लगातार विभिन्न बाजारों, थोक विक्रेताओं और डेयरियों का निरीक्षण कर रही हैं।
मंगलवार को नोएडा में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए पनीर और खोया के कुल तीन नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि आमजन को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त दूध तथा दूध से बने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार को नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित डेयरी और पनीर विक्रेताओं के यहां पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की और निर्धारित प्रक्रिया के तहत नमूने लिए।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, विजय बहादुर पटेल और अमर बहादुर सरोज की टीम ने नोएडा के सेक्टर-45 स्थित डाबर डेयरी का निरीक्षण किया। यहां से टीम ने पनीर का एक नमूना तथा खोया का एक नमूना संग्रहित किया।
इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और विशाल गुप्ता की टीम ने सेक्टर-120 नोएडा स्थित जोडियाक आम्रपाली मार्केट में कार्रवाई की। टीम ने वहां नीरज गुप्ता नामक पनीर विक्रेता के प्रतिष्ठान से पनीर का एक नमूना जांच के लिए लिया।
विभाग की दोनों टीमों द्वारा विभिन्न थोक विक्रेताओं और डेयरी प्रतिष्ठानों से पनीर के दो तथा खोया का एक, कुल तीन नमूने संग्रहित किए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी नमूने में मानकों के विपरीत गुणवत्ता या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नमूने एकत्र करना ही नहीं, बल्कि बाजार में बिकने वाले दूध एवं दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए रखना भी है। पनीर और खोया जैसे उत्पादों की मांग विशेष रूप से त्योहारी और वैवाहिक सीजन में बढ़ जाती है। ऐसे में इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों में स्थित डेयरी, थोक विक्रेताओं और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी तथा आवश्यकता के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाएगा।
विभाग का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपदवासियों को निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है। खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

