Wednesday, August 19, 2026
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तकनीकी सहयोग में आर्मेनिया का बड़ा साझेदार बनकर उभरा भारतीय सेना: रक्षा मंत्रालय

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येरेवन, 18 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आर्मेनिया अपने रक्षा उपकरणों की खरीद में विविधता लाना चाहता है और इस क्रम में भारत सैन्य-तकनीकी सहयोग में उसका प्रमुख साझेदार बनकर उभरा है।

दोनों देशों के बहुपक्षवाद और रणनीतिक स्वायत्तता पर समान विचार हैं। येरेवन में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने मंगलवार को आर्मेनिया के उप विदेश मंत्री मनात्सकान सफार्यान के साथ सार्थक चर्चा की।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, “उनकी चर्चा भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी पर केंद्रित रही। आर्मेनिया अपनी रक्षा खरीद में विविधता लाने का प्रयास कर रहा है और ऐसे में भारत सैन्य-तकनीकी सहयोग में आर्मेनिया का प्रमुख साझेदार बनकर उभरा है, क्योंकि दोनों देश बहुपक्षवाद और रणनीतिक स्वायत्तता पर समान विचार रखते हैं।”

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने येरेवन में आर्मेनिया के रक्षा उप मंत्री कारेन ब्रुत्यान से भी मुलाकात की और भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की।

रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया, “रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 18 अगस्त 2026 को येरेवन में आर्मेनिया के रक्षा उप मंत्री कारेन ब्रुत्यान से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, रक्षा औद्योगिक सहयोग और अनुसंधान एवं विकास सहित भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की। उन्होंने आपसी सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।”

दिन में इससे पहले सचिव ने आर्मेनिया की वाजगेन सरगस्यान मिलिट्री अकादमी का दौरा किया और नई दिल्ली के सहयोग से स्थापित आईटी लैब का जायजा लिया। मिलिट्री अकादमी के दौरे के दौरान सिंह को भारत द्वारा आपूर्ति किए गए हथियार प्रणालियों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण में बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया और आपसी हित के क्षेत्रों में आर्मेनिया का समर्थन करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने मिलिट्री अकादमी के संकाय, अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया और चरित्र निर्माण, निर्णय क्षमता विकसित करने और नेतृत्व कौशल बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

मंत्रालय ने कहा, “उन्होंने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण में बढ़ते भारत-आर्मेनिया सहयोग को रेखांकित किया और आपसी हित के क्षेत्रों में आर्मेनिया की सहायता करने के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।”

अकादमी में सचिव सिंह ने मिलिट्री अकादमी के प्रमुख मेजर जनरल आर्सेन मांगसर्यान से भी मुलाकात की और क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के क्षेत्रों में भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया।

मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने भारत और आर्मेनिया के रक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के बीच और अधिक संबंध बनाने को भी प्रोत्साहित किया ताकि रक्षा साझेदारी को और मजबूत किया जा सके।