गाले, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने श्रीलंका को पहले टेस्ट मुकाबले में 165 रनों से हराया। जीत के बाद केएल राहुल ने कहा कि बारिश की आशंका के चलते भारतीय टीम को आक्रामक रुख अपनाना पड़ा, ताकि खेल को जल्द से जल्द अपने पक्ष में किया जा सके।
372 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम 77.4 ओवर में 206 रन बनाकर ऑलआउट हुई। युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने लंच के बाद 10 गेंदों में 4 विकेट लेकर निचले क्रम के बल्लेबाजों को जल्दी आउट किया और 6-55 के आंकड़े के साथ पारी खत्म की। खेल खत्म होने के ठीक बाद बारिश शुरू हो गई, जिससे मैच के बाद होने वाले प्रेजेंटेशन समारोह को अंदर करना पड़ा।
मैच के बाद राहुल ने ब्रॉडकास्टर से कहा, “सच कहूं तो बस राहत महसूस हो रही है। हम ऊपर बादलों को देख रहे थे और हमें पता था कि तेज बारिश होने वाली है, इसलिए हम खेल में देरी नहीं करना चाहते थे। हम जल्द से जल्द विकेट लेने की कोशिश कर रहे थे। जाहिर है कि उनकी एक अच्छी साझेदारी थी और जैसे ही हमने उस साझेदारी को तोड़ा, हमें लगा कि हम खेल में वापस आ गए हैं। एक बार जब हम उनके निचले क्रम के बल्लेबाजों तक पहुंचे, तो हमें पता था कि हम जल्दी विकेट ले सकते हैं। मगर हां, हमारी नजर बादलों पर भी थी।”
उन्होंने गाले इंटरनेशनल स्टेडियम के ग्राउंड स्टाफ की भी तारीफ की, जिन्होंने ऐसी पिच तैयार की जिस पर पांचों दिन बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबला देखने को मिला। “यह (उतना आसान नहीं था जितना लग रहा था)। मुझे लगता है कि यह एक शानदार टेस्ट मैच था। मुझे लगता है कि पिच पांचों दिन बहुत अच्छी रही। इसमें स्पिनरों के लिए कुछ था, लेकिन जिन बल्लेबाजों ने अच्छी तकनीक से खेला, वे रन बना सके> हमने श्रीलंकाई टीम के सोनल दिनुशा को देखा। पहली पारी में शतक और दूसरी इनिंग में 84 रन बनाकर उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की; स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट खेलने और पैरों का इस्तेमाल करने की उनकी योजना बहुत स्पष्ट थी।”
राहुल ने आगे कहा, “इसी वजह से मुझे लगता है कि जो लोग अपनी गेम प्लान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध थे, वे भी रन बना सकते थे। टेस्ट मैचों में आप यही तो देखना चाहते हैं, जहां तेज गेंदबाज़ों को भी विकेट मिलें, चाहे वो उनकी टीम के हों या हमारी टीम के। तो मुझे लगता है कि कुल मिलाकर, यह एक बेहतरीन विकेट और शानदार टेस्ट मैच था।”सोनल दिनुशा और केशरा नुवंथा की मजबूत साझेदारी के दौरान राहुल ने बताया कि भारत ने नई गेंद के साथ अपने रणनीतिक अनुशासन पर भरोसा बनाए रखा, भले ही दूसरी नई गेंद से विकेट लेने की बड़ी संभावना थी।
उन्होंने कहा, “हमें पता था कि नई गेंद आने वाली है और अगर हमें विकेट नहीं मिलते, तो नई गेंद हमारा अगला सबसे अच्छा मौका होती। हालांकि, पूरे दिन हमारी सोच यही थी कि गेंद को सही जगहों पर डालते रहें। हमें पता था कि विकेट से थोड़ी मदद मिल रही थी। जाहिर है कि विरोधी टीम भी अच्छा खेल सकती है। ऐसे बल्लेबाज होते हैं जो डटकर खेलते हैं और साझेदारी बनाते हैं। तो हमें पता था कि ऐसा होगा। इसी कारण हमें बस धैर्य रखना था और गेंद को सही जगहों पर डालते रहना था, और जैसा कि मैंने कहा, विकेट से कुछ मदद मिल रही थी। एक बार जब हमें विकेट मिल जाता या हम साझेदारी तोड़ देते, तो हमें पता था कि हम एक साथ दो या तीन विकेट ले सकते हैं।”

