Thursday, August 20, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय यूरोप में बढ़ेगा जंगल की आग का खतरा, सदी के अंत तक...

यूरोप में बढ़ेगा जंगल की आग का खतरा, सदी के अंत तक 39 फीसदी अधिक क्षेत्र जलने का अनुमान

0
6

नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। यूरोप के कई देश जंगल की आग में झुलस रहे हैं। आने वाले दशकों में यूरोप के जंगलों में आग का खतरा और गंभीर हो सकता है और इसकी आशंका गुरुवार को प्रकाशित एक स्टडी में की गई है। जिसके मुताबिक वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करने के बेहतर परिदृश्य में भी सदी के अंत तक यूरोप में जंगल की आग से जलने वाला क्षेत्र करीब 39 फीसदी बढ़ सकता है।

ग्लोबल चेंज बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, अगर वैश्विक तापमान वृद्धि को करीब 1.8 डिग्री सेल्सियस तक सीमित कर लिया जाता है, तब भी गर्म और शुष्क मौसम की बढ़ती अवधि जंगलों को आग के प्रति अधिक संवेदनशील बनाएगी। तापमान बढ़ने के साथ मिट्टी और वनस्पतियों में नमी कम होगी, जबकि तेज हवाएं आग को तेजी से फैलाने में मदद करेंगी।

सबसे खराब स्थिति में तस्वीर और भयावह हो सकती है। यदि सदी के अंत तक वैश्विक तापमान वृद्धि 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचती है, तो यूरोप में जंगल की आग से जलने वाला क्षेत्र मौजूदा स्तर की तुलना में लगभग तीन गुना हो सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, मौजूदा जलवायु नीतियों के आधार पर दुनिया करीब 2.6 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि की राह पर है। ऐसे में जंगल की आग का बढ़ता खतरा यूरोप के लिए भविष्य की नहीं, बल्कि तत्काल ध्यान देने वाली चुनौती बन गया है।

अध्ययन के प्रमुख लेखक और पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च के शोधकर्ता माइक बिलिंग ने कहा कि बेहतर वन प्रबंधन और प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था से आग से होने वाले नुकसान को काफी कम किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊंचे कार्बन उत्सर्जन के बीच केवल आग बुझाने की क्षमता बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा।

अध्ययन में यह भी बताया गया है कि दशकों तक जंगलों में आग को पूरी तरह दबाने की नीतियों के कारण सूखी वनस्पति और अन्य ज्वलनशील सामग्री जमा होती गई है। इससे अब कम संख्या में लगने वाली आग भी बड़े और बेहद विनाशकारी ‘मेगा-फायर’ का रूप ले सकती है।

यूरोप इस खतरे का सामना इस साल पहले ही कर रहा है। 2026 के अग्निकाल में यूरोपीय संघ में छह लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि आग की चपेट में आ चुकी है। ग्रीस, स्पेन, फ्रांस, क्रोएशिया समेत कई देशों में जंगल की आग ने इस समय तक के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण और बेहतर जंगल प्रबंधन, दोनों पर एक साथ काम करना होगा। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती के साथ शुरुआती चेतावनी प्रणाली, सूखी वनस्पति का प्रबंधन और अग्निशमन क्षमता बढ़ाना जरूरी होगा।