Thursday, August 20, 2026
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भाजपा पुराना वीडियो वायरल कर पंजाब के स्कूलों को बदनाम कर रही : हरजोत बैंस

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चंडीगढ़, 20 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक सरकारी स्कूल का कथित फर्जी और पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने वर्ष 2018 के पुराने वीडियो को पंजाब के मौजूदा स्कूलों की स्थिति बताकर सोशल मीडिया पर प्रचारित किया। वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने खुद बिना किसी पूर्व सूचना के संबंधित स्कूल का दौरा किया और मौके पर स्थिति की जांच की।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह उनके लिए भी चिंता का विषय था कि यदि स्कूल की स्थिति वास्तव में वीडियो जैसी है तो आखिर इतनी बड़ी कमी सरकार की नजर से कैसे बची रही। इसी वजह से उन्होंने अधिकारियों को सूचना दिए बिना खुद स्कूल पहुंचकर जमीनी स्थिति देखने का फैसला किया।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सरदार हरभजन सिंह समेत दो नेताओं ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें पंजाब के एक स्कूल के वॉशरूम की खराब स्थिति दिखाई गई थी। बैंस ने कहा कि शुरुआत में उन्हें भी जानकारी नहीं थी कि वीडियो पुराना है और इसे देखकर वे खुद चिंतित हुए। उन्होंने बताया कि वीडियो को करीब दो दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था और बाद में फैक्ट-चेक के जरिए सामने आया कि यह वीडियो वर्ष 2018 का है। हमारी सरकार की नीति किसी भी कमी को छिपाने की नहीं, बल्कि उसे ठीक करने की है। पंजाब के करीब 20 हजार स्कूलों में बड़े स्तर पर काम किया गया है, लेकिन अभी भी यदि किसी स्कूल में कोई कमी रह गई है तो सरकार उसे ठीक करने के लिए तैयार है।

हरजोत बैंस ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने यह पता लगाने के लिए खुद स्कूल का दौरा किया कि वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने स्कूल में बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो पुराना है और वर्तमान स्थिति उससे बिल्कुल अलग है। स्कूल में वॉशरूम चालू हालत में है। स्कूल में पीने का साफ पानी, वाई-फाई और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं भी मौजूद हैं। स्कूल में दो इंटरएक्टिव पैनल लगाए गए हैं, स्मार्ट बोर्ड की व्यवस्था है और तीन प्रोजेक्टर भी उपलब्ध हैं।

स्कूल की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि वहां के टॉयलेट्स साफ-सुथरे और व्यवस्थित मिले। छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन भी लगाई गई है और निरीक्षण के दौरान वह काम करती हुई मिली। बैंस ने कहा कि उन्होंने स्कूल से खुद एक वीडियो भी शूट किया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ताकि लोगों के सामने पुराने वीडियो और मौजूदा वास्तविक स्थिति का अंतर स्पष्ट हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने वीडियो के आधार पर पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

पंजाब सरकार की शिक्षा व्यवस्था का बचाव करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में बड़े स्तर पर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग राष्ट्रीय संस्थाओं और रिपोर्टों के आंकड़ों को देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे नैक, पीजीआई या नीति आयोग के विभिन्न मानक हों, पंजाब ने शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया है। नीति आयोग का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर की रिपोर्टों में पंजाब के प्रदर्शन को भी देखा जाना चाहिए। पंजाब में सरकार का फोकस शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है और आम आदमी पार्टी की सरकार इस क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की प्रक्रिया जारी है और सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है। बैंस ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखती है। इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल में अभी भी कोई कमी है और वह सरकार के संज्ञान में आती है, तो उसे ठीक किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की सोच यह नहीं है कि किसी स्कूल की कमी को छिपाया जाए। इसके बजाय जहां भी कोई कमी सामने आए, उसे स्वीकार कर दूर किया जाना चाहिए। पंजाब में हजारों सरकारी स्कूलों में काम किया गया है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। किसी एक पुराने वीडियो को वर्तमान स्थिति बताकर पेश करने के बजाय स्कूलों की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाकर देखना चाहिए। पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री की सोच स्पष्ट है, ‘लेट्स फिक्स इट’, यानी जहां कमी है, उसे ठीक किया जाए।

केंद्र सरकार की ओर से युवाओं और जेनजी से जुड़ने के लिए शुरू की गई ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ पहल पर भी हरजोत सिंह बैंस ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश को आगे बढ़ते और तरक्की करते देखना चाहती है। जेनजी झूठे प्रचार और लगातार फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा से परेशान है। युवाओं के सामने बार-बार ऐसी सामग्री पेश की जा रही है, जिसमें वास्तविक विकास और जमीनी काम की बजाय प्रचार पर जोर होता है। युवा पीढ़ी को अब केवल दावे और प्रचार नहीं चाहिए, बल्कि वह जमीन पर वास्तविक बदलाव देखना चाहती है।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि युवाओं को जोड़ने के लिए केवल योजनाएं या प्रचार पर्याप्त नहीं हैं। यदि सरकार और राजनीतिक दल वास्तविक मुद्दों पर जमीन पर काम करते हैं तो युवा खुद उनसे जुड़ेंगे।