मुंबई, 21 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री विधात्री बंदी ने फीचर फिल्म ‘मैक्स, मिन और मियोज्स्की’ में कैरोल सेक्वेराका महत्वपूर्ण किरदार निभाया है। अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ हालिया बातचीत में बताया कि ये किरदार उन्हें किस तरह से मिला है।
उन्होंने बताया कि असल में वे किसी और किरदार के लिए ऑडिशन देने के लिए गई थी। उसी दौरान उन्हें ‘कैरोल सेक्वेराका’ के किरदार के बारे में पढ़ने का मौका मिला था, जिसके उन्होंने इसे करने के लिए मैनिफेस्ट किया था।
उन्होंने कहा, “असल में, मैं ‘मिन’ का ऑडिशन देने के लिए गई थी, लेकिन जब मुझे फिल्म का सारांश दिया गया, तो मैंने उसमें कैरोल सेक्वेराका के बारे में पढ़ा था। उसका किरदार इस तरह से लिखा हुआ था कि उसे पढ़कर मुझे उससे तुरंत जुड़ाव महसूस हुआ, जिसके बाद मैंने सोचा कि अगर इस किरदार के लिए मुझे ऑडिशन देने का मौका मिले, तो मैं जरूर दूंगी। लेकिन मैंने ये बात बस अपने तक ही रखी और किसी को नहीं बताई थी। 2 दिन बाद कास्टिंग टीम से फोन आया कि डायरेक्टर्स चाहते हैं कि मैं ‘कैरोल’ के लिए ऑडिशन दूं। फिर मैंने ऑडिशन दिया और तुरंत मेरा सिलेक्शन हो गया। सेलेक्ट होने के बाद पैडी ने मुझे पूरी कहानी सुनाई। उस दिन शायद पहली बार ऐसा हुआ कि मैं अजनबियों के सामने रो पड़ी थी, क्योंकि फिल्म ने मेरे दिल को छू लिया था। उसी वक्त मुझे पक्का हो गया था कि मुझे ये फिल्म करनी ही है।”
अभिनेत्री ने अपने पिछले किरदारों के लुक की तुलना इस किरदार से करते हुए कहा कि ‘कैरोल सेक्वेराका’ का किरदार उनके पिछले किरदारों से ज्यादा ग्लैमरस है। उन्होंने कहा, “फिल्म ‘जलसा’ में मैंने एक मलयाली पत्रकार का रोल किया था। उसमें मेरा लहजा बहुत भारी था, कोई मेकअप नहीं किया था और बाल भी काफी ज्यादा थे। ‘द डिप्लोमैट’ में मैंने एक पंजाबी एंबेसी ऑफिसर का किरदार निभाया था, जिसमें मैं फॉर्मल कपड़े पहनती थी, लेकिन इस फिल्म में मैं बिल्कुल मुंबई की लड़की जैसी लग रही हूं। मेरे घुंघराले बाल हैं और मेरा लहजा भी नॉर्मल है।”
अभिनेत्री ने आगे अपनी अब तक की जर्नी के बारे में बताया कि उनके करियर की रफ्तार काफी धीमी रही है। उन्होंने कहा, “शिद्दत में मैंने एक छोटा रोल किया था। फिर जलसा में मेरा रोल अहम था, उसके बाद द डिप्लोमैट में भी लीड रोल किया और अब इस फिल्म में मैं पूरी लीड कर रही हूं। मेरा करियर धीरे-धीरे आगे बढ़ा है, लेकिन ऐसा लगता है जैसे मैं एक सही सीढ़ी चढ़ रही हूं। धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लगातार।”

