त्बिलिसी,22 अगस्त (आईएएनएस)। जॉर्जिया ने ईरान के खिलाफ यूरोपीय संघ (ईयू) के हाल में लगाए गए नए प्रतिबंधों का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है। जॉर्जिया की समाचार एजेंसी इंटरप्रेसन्यूज (आईपीएन) के मुताबिक, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े उसके फैसले केवल राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय किए जाएंगे।
सत्तारूढ़ जॉर्जियन ड्रीम पार्टी के सांसद तेंगिज शर्मनाशविली ने कहा कि जॉर्जिया ऐसी किसी भी नीति का समर्थन नहीं करेगा, जो देश की अपनी प्राथमिकताओं और हितों के विपरीत हो।
उन्होंने कहा, “जॉर्जिया किसी प्रस्ताव में शामिल होगा या अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा कोई कदम उठाएगा या नहीं, इसका केवल एक मानदंड है कि क्या उस समय वह जॉर्जिया के हित में है या नहीं?”
शर्मनाशविली ने कहा कि यदि कोई अंतरराष्ट्रीय फैसला जॉर्जिया के राष्ट्रीय हितों के विपरीत जाता है तो उसका समर्थन करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में यह मायने नहीं रखता कि वह फैसला किसी अन्य देश या पक्ष के हित में क्यों न हो।
आईपीएन की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्जिया का यह रुख ईरान के खिलाफ यूरोपीय संघ की प्रतिबंध नीति से दूरी को दर्शाता है। त्बिलिसी ने अपने फैसले को किसी दूसरे देश के पक्ष या विपक्ष के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों और स्वतंत्र विदेश नीति से जोड़कर पेश किया है।
शर्मनाशविली ने तुर्की और सर्बिया का भी जिक्र करते हुए कहा कि ईयू के उम्मीदवार देश होने के बावजूद, इनमें से किसी भी देश ने ईयू के हालिया प्रतिबंधों को नहीं अपनाया है।
जॉर्जिया और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों के बीच यह रुख खास महत्व रखता है, क्योंकि त्बिलिसी लंबे समय से यूरोपीय एकीकरण की दिशा में आगे बढ़ने की बात करता रहा है।
दरअसल, हाल ही में ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने तीन फैसलों की जानकारी दी थी। बताया कि ईयू ने ईरान के खिलाफ अपनी प्रतिबंध व्यवस्था में बदलाव किया है। इसने कई लोगों को सूची से हटाया और जोड़ा है, साथ ही एक संगठन के बारे में जानकारी अपडेट की है। बाकी सभी प्रतिबंध लागू रहेंगे।
आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे ने ईयू की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों का समर्थन किया। वहीं, ईयू में शामिल होने के इच्छुक अल्बानिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, मोल्दोवा, मोंटेनेग्रो, उत्तरी मैसेडोनिया और यूक्रेन ने भी ऐसा ही किया।

