हरदोई, 23 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 में अभी वक्त है, लेकिन सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयानों की बौछार ने राजनीति सरगर्मी बढ़ा दी है। इसी बीच उनके चवन्नी वाले बयान को लेकर एनडीए में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने ऐतराज जताते हुए उन्हें भस्मासुर बताया। सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव जिसके साथ भी गठबंधन करते हैं, उसे खत्म करने की कोशिश करते हैं।
हरदोई में आईएएनएस से बातचीत में सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव के चवन्नी वाले बयान पर कहा कि उनका सहयोग रहा, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद मैं यह कह सकता हूं कि अगर हम लोग सतर्क नहीं रहते तो 2022 में ही हम खत्म हो जाते। अखिलेश यादव जिसके साथ गठबंधन करते हैं, उनमें उनकी भूमिका भस्मासुर वाली हो जाती है। जिससे गठबंधन करते हैं तो वह प्रयास यह करते हैं कि उस पार्टी को समाप्त कर दें। चवन्नी वाले बयान के लिए हम उन्हें धन्यवाद करते हैं, क्योंकि उन्होंने हमें रुपया बनाकर छोड़ा, लेकिन परिवारवाद की दुहाई देने वाले लोगों को पता होना चाहिए कि हम भी उन्हीं से सीखे हैं।
यूपी चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर अरविंद राजभर ने कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश के 86 सीटों पर कार्य कर रही है और उन्हीं 86 सीटों में से लगभग 83 ऐसी सीटें हैं, जो 2017 में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में गईं। वही 83 सीटें जब 2022 में हम गठबंधन समाजवादी के साथ गए, तो ये सीटें समाजवादी पार्टी के पक्ष में चली गईं। उन 86 सीटों में से जितनी सीटें भारतीय जनता पार्टी या एनडीए की तरफ से हमको प्राप्त होंगी, उन सीटों पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाकर 2027 में विधानसभा पहुंचाने का कार्य करेगी।
आरक्षण को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन पर अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं, अभी पूर्व में एक प्रदर्शन हुआ था। उस प्रदर्शन का पूरा बैकअप विपक्षी पार्टियों ने देने का कार्य किया था, जिसका खुलासा भी हुआ। अभी जो धरना प्रदर्शन जंतर-मंतर पर चल रहा है, वह आरक्षण को लेकर चल रहा है, तो भारतीय संविधान में जो आरक्षण प्रणाली दी गई है, पहली बात कि उसको कोई खत्म नहीं कर सकता। दूसरी बात यह है कि संवैधानिक संशोधन हो सकते हैं, आरक्षण के क्राइटेरिया बदले जा सकते हैं, आरक्षण का मानक बदला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए फर्जी है, पीडीए हमारे साथ है।

