लखनऊ, 24 अगस्त (आईएएनएस)। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारतीय निर्वाचन आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय राज्य के दौरे पर सोमवार को लखनऊ पहुंचा। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने के लिए आया है।
लखनऊ पहुंचने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “लखनऊ मेरी तपोभूमि रही है, यहां मेरी शिक्षा भी हुई और उच्च शिक्षा के लिए हम आईआईटी चले गए। बहुत दिनों के बाद अपनी कर्मभूमि लखनऊ आया हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने के लिए आए हैं। खासतौर पर हम अपने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से बात करेंगे, जो लोकतंत्र की नींव हैं और उन्हें कुछ अहम बातें समझाएंगे। चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और पूरी चुनाव प्रक्रिया के बारे में समझाने के लिए उत्तर प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों और स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।”
अपनी बात खत्म करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी मतदाताओं का एक बार फिर अभिवादन किया।
निर्वाचन आयोग के इस प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश दौरे का उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों की शुरुआती तैयारियों का जायजा लेना और जमीनी स्तर पर चुनावी मशीनरी के कामकाज का आकलन करना है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार कॉल्विन तालुकदार कॉलेज के अवध ऑडिटोरियम में छात्रों से बातचीत करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपनी शुरुआती शिक्षा इसी संस्थान से प्राप्त की थी। बाद में, वे लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) और ईसीआईनेट पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर यह क्षेत्रीय सम्मेलन तीन चरणों में लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में आयोजित किया जाएगा।
पहला चरण लखनऊ से शुरू होगा, जिसमें 20 जिले शामिल रहेंगे। इन जिलों के 120 विधानसभा क्षेत्रों के 440 संस्थानों से लगभग 1,500 छात्र, शिक्षक, प्रिंसिपल और शिक्षण संस्थानों के प्रमुख भी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने और उनमें चुनाव से जुड़ी समझ बढ़ाने पर होगा।

