Monday, August 24, 2026
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एसएस मोता सिंह स्कूल ट्रस्ट की फाइल को लेकर भाजपा सरकार पर सौरभ भारद्वाज का हमला

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नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एसएस मोता सिंह स्कूल ट्रस्ट की फाइल को लेकर दिल्ली की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार और संबंधित अधिकारी अब तक ट्रस्ट की फाइल उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। भारद्वाज ने सवाल किया कि आखिर इस फाइल में ऐसा क्या है, जिसे सरकार सार्वजनिक करने से बच रही है।

सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, एसएस मोता सिंह स्कूल ट्रस्ट के पास करीब 500 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संपत्ति पर कब्जे की कोशिश से जुड़े लोगों के नाम संभवतः ट्रस्ट की फाइल में दर्ज हो सकते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी अल्पसंख्यक सिख संस्थान के प्रबंधन में राजनीतिक लोगों को इस तरह हस्तक्षेप करने की अनुमति दी जा सकती है। भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश 8 जुलाई 2026 को आया था।

उन्होंने कहा कि अदालत ने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग, डिविजनल कमिश्नर और जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि एसएस मोता सिंह स्कूल ट्रस्ट से संबंधित फाइल उपलब्ध कराई जाए। यदि फाइल उपलब्ध नहीं है तो उसे तलाश कर या आवश्यक प्रक्रिया के तहत पुनर्निर्मित कर अदालत के समक्ष पेश किया जाए। उन्होंने कहा कि फाइल उपलब्ध कराने के लिए करीब एक महीने का समय दिया गया था, लेकिन 8 अगस्त को समय सीमा पूरी होने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पहले इस मामले को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में भी संपर्क किया गया, लेकिन फाइल उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि फाइल के संबंध में सरकार की चुप्पी कई सवालों को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में फाइल गुम हो गई है तो इसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। आप नेता ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे सवाल करते हुए कहा कि आखिर सरकार इस फाइल को सामने लाने में क्यों हिचक रही है।

उन्होंने पूछा कि क्या फाइल में ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले स्कूल ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाने की कोशिश की गई। भारद्वाज ने दावा किया कि उन्हें एक फेसबुक पोस्ट मिली थी, जिसमें अमरजीत सिंह बब्बू नामक व्यक्ति ने दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा को धन्यवाद देते हुए दावा किया था कि मंत्री ने उन्हें एसएस मोता सिंह स्कूल के अंदर ट्रस्टी बनाया है। जब उन्होंने प्रवेश वर्मा से इस संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कथित तौर पर मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कानूनी मामला अपनी जगह चलता रहेगा लेकिन एसएस मोता सिंह स्कूल ट्रस्ट की फाइल को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक संस्था की फाइल का मामला नहीं है बल्कि इससे जुड़ी संपत्ति, ट्रस्ट के प्रबंधन और कथित तौर पर नए लोगों को ट्रस्टी बनाए जाने की प्रक्रिया की पारदर्शिता का भी सवाल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद फाइल उपलब्ध नहीं कराया जाना गंभीर विषय है। भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मामले को लगातार उठाती रहेगी और जल्द ही इससे जुड़े अन्य तथ्यों को भी सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए ट्रस्ट की पूरी फाइल सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर रिकॉर्ड गायब हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाए।

–आईएएनएस

पीकेटी/पीएम