Monday, August 24, 2026
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20 बागी सांसदों की अयोग्यता के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची टीएमसी, 25 अगस्त को होगी सुनवाई

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नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पार्टी के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता से जुड़े मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा निर्णय लेने में हो रही देरी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस याचिका पर विचार करेगी।

यह याचिका टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के माध्यम से दायर की गई है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से लोकसभा अध्यक्ष को अयोग्यता याचिकाओं पर समयबद्ध फैसला लेने के निर्देश देने की मांग की है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों का पार्टी छोड़कर नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए थे। इसके बाद टीएमसी ने इन सांसदों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता याचिकाएं दायर की थीं।

पार्टी का कहना है कि सांसदों ने जिस दल के टिकट पर चुनाव जीता था, उसे छोड़ने के बाद उनकी संसद सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय ने अभी तक इन याचिकाओं पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अयोग्यता याचिकाओं के शीघ्र निपटारे की मांग की थी। इससे पहले अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी सहित टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने स्पीकर से मुलाकात कर 20 बागी सांसदों को तत्काल अयोग्य घोषित करने का आग्रह किया था।

हालांकि, स्पीकर कार्यालय की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से टीएमसी ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बागी सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था दी जा चुकी है, जबकि उनके नए दल में शामिल होने को लेकर औपचारिक मान्यता का मुद्दा अभी भी चर्चा में है।

वहीं, हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी दिल्ली में इन 20 सांसदों के साथ बैठक की थी। इन सांसदों से पीएम मोदी ने भी मुलाकात की थी।