मॉस्को, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ एक विस्तृत बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस सहयोग, क्षेत्रीय संकटों, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ व्यापक बातचीत हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय संवेदनशील मुद्दों, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय विषयों पर चर्चा की।”
दोनों विदेश मंत्रियों की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार उच्चस्तरीय संपर्क बना हुआ है।
इससे पहले दिन में, विदेश मंत्री जयशंकर ने मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ‘व्यक्तिगत संदेश’ सौंपा।
मुलाकात के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, “मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर खुशी हुई। मैंने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक व्यक्तिगत संदेश सौंपा।”
पुतिन से मिलने से पहले जयशंकर ने रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ मिलकर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टेक) के 27वें सत्र की संयुक्त अध्यक्षता की। इस बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई मुद्दों की समीक्षा की गई।
जयशंकर ने बताया कि उन्होंने पुतिन को 27वें आईआरआईजीसी-टेक के तहत हुई चर्चाओं की भी जानकारी दी, जिसमें दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें 27वें आईआरआईजीसी-टेक के तहत हुई चर्चाओं की जानकारी दी, जिसमें कई क्षेत्रों में हमारे सहयोग की समीक्षा की गई। इस संबंध में उनके मार्गदर्शन को मैं महत्व देता हूं। हमने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी चर्चा की।
रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन की ओर से जारी बयान के अनुसार, पुतिन ने कहा कि जयशंकर की यात्रा रूस और भारत के बीच कई दशकों से बने मजबूत संबंधों को दर्शाती है।
पुतिन ने कहा, “हम लगभग सभी क्षेत्रों में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें सरकारी स्तर के संबंध, संसदों के बीच संपर्क और आर्थिक सहयोग शामिल हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इस साल हमारा व्यापार बढ़ा है। पिछले साल इसमें थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन इस वर्ष यह फिर बढ़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण, और शायद सबसे बड़ा कारण, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो रूस-भारत संबंधों को मजबूत बनाने पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देते हैं।”
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है और व्यापारिक संबंधों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल रही है।

