Tuesday, August 25, 2026
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जालोर फैमिली कोर्ट ने भाजपा की पूर्व विधायक अमृता मेघवाल का तलाक रद्द किया

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जालोर, 25 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान के जालोर फैमिली कोर्ट ने भाजपा की पूर्व विधायक अमृता मेघवाल और भाजपा एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल के तलाक से जुड़ी करीब तीन साल पुरानी एकतरफा डिक्री को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने माना कि अमृता मेघवाल को विधि के अनुरूप नोटिस की तामील नहीं हुई थी और उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं मिला।

फैमिली कोर्ट के पीठासीन अधिकारी (आरजेएस) अमर वर्मा ने अमृता मेघवाल की ओर से दायर आवेदन स्वीकार करते हुए 4 मई 2023 की एकतरफा कार्यवाही और 7 जून 2023 को पारित तलाक की डिक्री दोनों को रद्द कर दिया। अदालत ने मामले को दोबारा बहाल कर आगे सुनवाई के निर्देश दिए हैं।

बाबूलाल मेघवाल ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-13 के तहत 22 सितंबर 2022 को विवाह विच्छेद की याचिका दायर की थी। अदालत की ओर से अमृता मेघवाल को जयपुर के पुराने पते पर नोटिस भेजे गए, लेकिन मकान लंबे समय से बंद होने के कारण नोटिस कई बार वापस लौट आए। इसके बाद समाचार पत्र में नोटिस प्रकाशित कर तामील की कार्रवाई की गई।

अमृता मेघवाल ने अदालत में कहा कि वह उस पते पर नहीं रहती थीं और उन्हें तलाक की कार्यवाही की कोई जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने पर उन्होंने 13 जून 2023 को मामले की नकल मांगी और 5 जुलाई 2023 को एकतरफा डिक्री निरस्त करने के लिए आवेदन दायर किया।

रिकॉर्ड की जांच के बाद कोर्ट ने माना कि जिस पते पर नोटिस भेजे गए थे, वहां मकान बंद था और रजिस्टर्ड डाक भी इसी टिप्पणी के साथ लौट आई थी। ऐसे में केवल समाचार पत्र में प्रकाशित नोटिस को पर्याप्त तामील नहीं माना जा सकता।

कोर्ट के आदेश के बाद अब तलाक का मामला दोबारा सुना जाएगा और दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। अमृता मेघवाल की ओर से अधिवक्ता संजय बोराणा और बाबूलाल मेघवाल की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार दवे ने पैरवी की।

अमृता मेघवाल ने कहा कि अदालत के सामने गलत तरीके से तथ्य प्रस्तुत किए गए थे, जिसके आधार पर एकतरफा फैसला हुआ। अब कोर्ट ने उनकी बात सुनते हुए उन्हें राहत दी है।

वहीं, बाबूलाल मेघवाल ने कहा कि यह अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आगे की सुनवाई में अदालत अमृता मेघवाल को अपना पक्ष रखने का मौका देगी। बाबूलाल ने यह भी कहा, “भले ही अमृता सोने की मणि हो, लेकिन अब मुझे यह मणि नहीं चाहिए।”

अमृता मेघवाल और बाबूलाल मेघवाल की शादी 21 अप्रैल 2008 को हुई थी। अमृता पाली जिले के चाणोद की रहने वाली हैं, जबकि बाबूलाल जालोर जिले के नोरवा गांव के निवासी हैं। 21 जनवरी 2019 को दोनों के बीच विवाद के बाद वे अलग रहने लगे। इसके करीब तीन साल बाद बाबूलाल ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी, जिस पर जून 2023 में एकतरफा तलाक की डिक्री पारित हुई थी। अब वह डिक्री निरस्त कर दी गई है।