नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। उभरती हुए भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी सिंड्रेला दास और पायस जैन को ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टॉप्स) डेवलपमेंट स्कीम में शामिल किया गया है। इससे एशियन गेम्स 2026, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 के लिए युवा प्रतिभाओं को तैयार करने पर देश का फोकस और मजबूत हुआ है।
कोलकाता की रहने वाली 17 साल की सिंड्रेला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर इस डेवलपमेंट प्रोग्राम में अपनी जगह बनाई है। इस साल की शुरुआत में थाईलैंड में हुई एशियाई यूथ चैंपियनशिप में इस युवा खिलाड़ी ने गर्ल्स डबल्स इवेंट में सिल्वर मेडल और गर्ल्स सिंगल्स प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
सिंड्रेला का 2023 का सीजन भी बहुत सफल रहा था, जिसमें उन्होंने अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 सिंगल्स कैटेगरी में नेशनल रैंकिंग एज-ग्रुप खिताब जीते थे। इसके बाद उन्होंने सीनियर नेशनल सर्किट में कदम रखा। इस साल की शुरुआत में टॉप्स ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक खेलों 2036 के लिए भारत की बेंच स्ट्रेंथ (बैकअप खिलाड़ियों की ताकत) बढ़ाने की कोशिश के तहत 14-17 साल की उम्र के युवा टेबल टेनिस खिलाड़ियों के लिए एक खास ग्रुप बनाया था।
सिंड्रेला उस ग्रुप का हिस्सा थीं और अब अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर उन्हें टॉप्स डेवलपमेंट स्कीम में शामिल किया गया है। वह इस स्कीम में साथी भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी पायस जैन और अंकुर भट्टाचार्जी के साथ शामिल हुई हैं। पायस और अंकुर भारत की मेंस डबल्स जोड़ी भी बनाएंगे।
सिंड्रेला को एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की 10 सदस्यीय टीम में भी चुना गया है। महिला टीम में श्रीजा अकुला, दिया चितले, यशस्वी घोरपड़े, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला शामिल हैं। पुरुष टीम में साथियान ज्ञानसेकरन, मानुष शाह, मानव ठक्कर, हरमीत देसाई और पायस जैन शामिल हैं। इस बीच, भारत की टॉप-रैंक वाली टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा को सितंबर में बुल्गारिया और कजाकिस्तान में होने वाले डब्ल्यूटीटी कंटेंडर टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए ‘मिशन ओलंपिक सेल’ (एमओसी) से आर्थिक मदद की मंजूरी मिल गई है।
