मुंबई, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने ‘हिजाब’ विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम धर्म में उनकी पारंपरिक प्रथा है, लेकिन हम अपने संविधान और कानून के अनुसार काम करते हैं। कोर्ट के आदेश का पालन किया जाना चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले पर कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मुस्लिम समुदाय के लोग यानी महिलाएं हिजाब पहनती हैं और स्कूल जाने वाली लड़कियां भी हिजाब पहनती हैं। मुझे लगता है कि यह मुस्लिम धर्म में उनकी पारंपरिक प्रथा है, लेकिन हम अपने संविधान और कानून के अनुसार काम करते हैं।”
उन्होंने कहा, “जैसा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि हिजाब पहनना जरूरी नहीं है, हिजाब नहीं पहना जाना चाहिए। मुझे लगता है कि कोर्ट के आदेश का पालन किया जाना चाहिए। कोर्ट के आदेश का आदर करना चाहिए। हमें कानून के हिसाब से चलना है।”
इस दौरान, आठवले ने अयोध्या राम मंदिर जन्मभूमि के मुद्दे का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “अयोध्या का मामला कई सालों से चल रहा था और कोई समाधान नहीं निकल रहा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक तिहाई हिस्सा मुस्लिमों को देने का निर्णय लिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का मानना था कि 25 प्रतिशत जमीन देने से विवाद हमेशा चलता रहेगा। पुरातत्व विभाग के मुस्लिम अधिकारी ने शुरुआती उत्खनन टीम का हिस्सा रहते हुए अयोध्या के विवादित ढांचे के नीचे मंदिर के अवशेष होने की बात सामने रखी थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पूरी जमीन राम मंदिर को दे दी। कोर्ट के फैसले को मुस्लिम समाज ने स्वीकारा था।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इसी तरह मुझे लगता है कि हाईकोर्ट ने फैसला दिया है। हम 21वीं शताब्दी में आगे जा रहे हैं। जरूर अपनी परंपराएं हो सकती हैं, लेकिन यह कानून के दायरे में करने की आवश्यकता है।”
हाईकोर्ट के फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, “मुस्लिम समुदाय को अपना नेतृत्व बनाने और मजबूत करने का अधिकार है। ऐसे नेता हैं, जो अपने समुदाय के लिए काम करते हैं। जैसे ओवैसी उनके नेता हैं, वैसे ही कई और नेता भी हैं। भाजपा, कांग्रेस और मेरी पार्टी आईपीआई में भी मुस्लिम नेता हैं। मुस्लिम समुदाय में कई नेता हैं। हालांकि, उनका कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लिए एक बड़ा नेता होना चाहिए।”
आठवले ने कहा कि कोई एक ऐसा नेता तैयार होना चाहिए, जो सभी मुस्लिमों को एकजुट करे। हालांकि, मुस्लिम समाज में सभी पार्टियों का समर्थन करने वाले लोग हैं। हम लोगों को भाईचारे को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
