पटना, 26 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता में आए 12 साल हो गए हैं, अब घुसपैठ की बात करना बंद कर दीजिए। उन्होंने कहा कि 2029 में विदाई तय है, इसलिए उसकी चिंता कीजिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ को लेकर कहा था कि देश कोई धर्मशाला नहीं है। देश में केवल उसके नागरिकों को रहने का अधिकार है। घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी में बदलाव के लिए खतरा हैं।
पटना में आईएएनएस से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि एनडीए सरकार को सत्ता में आए 12 साल हो गए हैं। मुझे समझ में नहीं आता है कि अभी भी घुसपैठ पर अमित शाह बयान देते हैं। उन्हें सोचना चाहिए कि वह जनता को हल्के में न लें, जनता सब कुछ जानती है। असल मुद्दों से कब तक ध्यान भटकाएंगे।
पेपर लीक का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यह सरकार घुसपैठ रोकने की बात करती है जो 12 साल में पेपर लीक तो रोक नहीं पाई। इस सरकार में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। महंगाई और किसानों के मुद्दे पर बात नहीं होती। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इस पर चर्चा नहीं होती। सरकार ने युवाओं को दो करोड़ नौकरियां देने की बात की, वे अब सुनाई नहीं देती। सच पूछिए तो इस सरकार ने देश में बेरोजगारों की फौज खड़ी कर दी है। मणिपुर के मुद्दे पर बात होनी चाहिए और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में इस सरकार की हमेशा कोशिश रहती है कि लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जाए।
पप्पू यादव ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके रिटायरमेंट का समय आ गया है। एक बार उन्हें भी प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, जेनजी राहुल गांधी के साथ हैं और 2029 के लिए वे फिक्स हैं। छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि पूरे देश में शिक्षा और परीक्षाओं को लेकर आक्रोश है। तानाशाह सरकार और कोचिंग माफिया के खिलाफ छात्रों में गुस्सा है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी को ‘पागल’ कहे जाने पर भी पप्पू यादव ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि वे तो सोनिया गांधी को मां कहते थे। कांग्रेस की विचारधारा से निकले थे। अब अलग बात है कि दूसरे दल में हैं, कोई दिक्कत की बात नहीं है। इतनी मर्यादा तो रहनी चाहिए कि मिलने पर एक-दूसरे की इज्जत कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से नफरत और जहर के अलावा दूसरी बात हो ही नहीं सकती है।
