कोलकाता, 26 अगस्त (आईएएनएस)। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने संसद के स्पीकर, गृह मंत्री सहित कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए आरएसएस के कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की टिप्पणी पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “वह एक बड़े शहर के मेयर हैं, और उन्हें ही तय करना है कि इसकी इजाजत दी जाए या नहीं। हमें देखना होगा कि वह क्या फैसला लेते हैं। लेकिन न्यूयॉर्क जैसे शहर में, जहां कई धर्मों के लोग रहते हैं, आरएसएस की विचारधारा काम नहीं करेगी, इसलिए शहर के अधिकारी ही इस पर फैसला लेंगे।”
घुसपैठियों को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर सौगत रॉय ने कहा, “उन्होंने पहले भी बोला है। कानून के अनुसार जो होगा सो होगा।
हिजाब को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सौगत रॉय ने कहा, “मेरा मानना है कि हर धर्म के लोगों को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करने की आजादी होनी चाहिए। सरकार को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। मैं इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हूं।”
जादवपुर यूनिवर्सिटी के मामले पर सौगत रॉय ने कहा, “उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। बाहरी लोगों को जबरदस्ती यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसने की इजाजत क्यों दी जाए? ऐसा नहीं होना चाहिए। एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई है। 27 अगस्त से कमेटी का करना शुरू करेगी।”
वहीं, रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी टीएमसी गुट के नेता मो. अखरुज्जमां का ने कहा, “देखिए, जैसा कि आप जानते हैं, 28 अगस्त ‘छात्र शहीद दिवस’ है। इस साल हमारे छात्र नेताओं ने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी। हालांकि, प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।”
