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सपा के ‘झूठे वादों के पिटारे’ से जनता नहीं बहकेगी, अखिलेश पहले अपने शासन का हिसाब दें: पंकज चौधरी

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लखनऊ, 26 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी की ओर से महिलाओं को लेकर की गई नई घोषणाओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सपा एक बार फिर ‘झूठे वादों का पिटारा’ लेकर जनता के बीच पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपए देने की घोषणा करने से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने शासनकाल में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हिसाब देना चाहिए।

पंकज चौधरी ने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी के शासनकाल में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते थे, वही पार्टी आज महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि सत्ता में रहते हुए महिलाओं की सुरक्षा, बेहतर अस्पताल, कॉलेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए सपा सरकार ने ठोस कदम क्यों नहीं उठाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा की पुरानी वादाखिलाफी और उसके शासन का रिकॉर्ड भूली नहीं है। चुनाव से पहले की गई घोषणाओं और ‘चुनावी लॉलीपॉप’ से अब जनता को बहकाया नहीं जा सकता। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता सपा को उसकी राजनीति और पुराने शासन के रिकॉर्ड का जवाब देगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपए देने की घोषणा कर रहे हैं। प्रदेश की माताएं-बहनें उनसे सीधा सवाल पूछ रही हैं कि क्या केवल चुनाव से पहले घोषणाएं करने से महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी और अपराधियों तथा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त दबंगों के हौसले बुलंद थे। उन्होंने कहा कि उस समय थानों में पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं होने के आरोप सामने आते थे।

पंकज चौधरी ने महिला सशक्तीकरण को लेकर भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए महिलाओं को वास्तविक स्वतंत्रता और सुरक्षित वातावरण देने के लिए उनकी सरकार ने क्या किया था। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाले अखिलेश यादव यह भी बताएं कि जब केंद्र सरकार ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की ऐतिहासिक पहल की, तब सपा ने इसका विरोध क्यों किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या महिला सशक्तीकरण को जाति और धर्म के चश्मे से देखना ही समाजवादी पार्टी की राजनीति है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो अभियान, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों के चलते प्रदेश की महिलाएं अब भय के बजाय सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए महिला सम्मान कोई चुनावी नारा नहीं, बल्कि सुशासन, सुरक्षा और सशक्तीकरण का निरंतर संकल्प है। अखिलेश यादव को नई घोषणाएं करने से पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। पंकज चौधरी ने कहा, “उत्तर प्रदेश की महिलाएं पूछ रही हैं कि आपके शासन में सुरक्षा और सम्मान कहां था और अब चुनाव से पहले अचानक महिलाओं की इतनी चिंता क्यों सताने लगी है?” उन्होंने कहा कि 2027 में जनता सपा के वादों और उसके पुराने रिकॉर्ड के बीच अंतर साफ कर देगी।