सोल, 27 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका ने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने लक्ष्य को दोहराया है। दावा किया है कि उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच संभावित शिखर वार्ता को लेकर अटकलें तेज हैं।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा, “अमेरिका उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।” विभाग ने ईमेल से इसका जवाब दिया। यह प्रतिक्रिया योनहाप न्यूज एजेंसी के उस सवाल के जवाब में दी, जिसमें पूछा गया था कि क्या ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य अब भी उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण ही है।
दरअसल, पिछले सप्ताह ट्रंप ने एक पत्रकार के इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया था कि किम के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की स्थिति में उनका लक्ष्य परमाणु निरस्त्रीकरण होगा या नहीं। इसके बाद आशंका पैदा हुई थी कि अमेरिका अपनी नीति में बदलाव कर सकता है और परमाणु निरस्त्रीकरण के बजाय हथियार नियंत्रण या तनाव कम करने जैसे सीमित लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।
हालांकि, विदेश विभाग के बयान ने इन अटकलों को फिलहाल खारिज कर दिया है। इससे पहले बुधवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने भी योनहाप को बताया था कि अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
ट्रंप इस साल उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ बैठक की संभावना तलाश रहे हैं। लेकिन प्योंगयांग लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा का अपरिवर्तनीय हिस्सा बताता रहा है और परमाणु हथियारों को छोड़ने से इनकार करता रहा है।
इस बीच, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच हालिया संयुक्त सैन्य अभ्यास के दायरे में कमी किए जाने से भी सवाल उठे हैं कि क्या वाशिंगटन उत्तर कोरिया के साथ बातचीत के लिए अपनी स्थिति नरम कर रहा है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था कि सोल और वाशिंगटन अब भी कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
उत्तर कोरिया के साथ संभावित ट्रंप-किम वार्ता की पृष्ठभूमि में अमेरिका का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्योंगयांग अपने परमाणु दर्जे को स्थायी बताता रहा है, जबकि वाशिंगटन अब भी ‘पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण’ को अपनी आधिकारिक नीति का आधार बता रहा है।
