भुवनेश्वर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने 24 साल तक अपने राजनीतिक हितों के लिए गंजाम जिले का इस्तेमाल किया, जबकि आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज समेत कई विकास परियोजनाओं से विस्थापित हुए लोगों की दुर्दशा को नजरअंदाज किया।
मुख्यमंत्री माझी ने यह बात गंजाम जिले के गोलाबंधा के उन नोलिया परिवारों के लिए 75,60,30,000 रुपए से ज्यादा के खास पुनर्वास और पुनर्स्थापना (आरएंडआर) पैकेज को लॉन्च करते हुए कही, जिन्हें 1984 में आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज बनाने के लिए विस्थापित किया गया था।
गुरुवार को गोलाबंधा में आयोजित एक खास कार्यक्रम में की गई यह घोषणा उन 1,371 विस्थापित नोलिया परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई, जो दशकों से अपनी मुश्किलों के समाधान का इंतजार कर रहे थे।
इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री माझी ने छेलीगाडा मध्यम सिंचाई परियोजना से विस्थापित 112 परिवारों में से 96 परिवारों को पहले चरण में घर और खेती की जमीन के कागजात (पट्टे) भी बांटे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अगले साल के अंत तक छेलीगाडा परियोजना पूरी हो जाएगी, तो गंजाम और गजपति जिलों में 6,000 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन सिंचाई के दायरे में आ जाएगी।
कार्यक्रम की शुरुआत में, गोलाबंधा की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और भावुक माहौल में उनका स्वागत किया। इसके बाद, मुख्यमंत्री ने मंच पर लाभार्थियों को खुद जमीन के पट्टे सौंपे।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “गोलाबंधा के निवासियों का संघर्ष और त्याग बहुत बड़ा है। हमारी सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान किया है, जिसे 1984 में आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज के लिए जमीन सौंपे जाने के बाद से 4 लंबे दशकों तक नजरअंदाज किया गया था। जहां पिछले 24 वर्षों के शासन के दौरान गंजाम जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं ने नोलिया परिवारों की आवाज को दबाए रखा, वहीं ‘डबल इंजन’ सरकार के आने के बाद इस मुद्दे को प्राथमिकता दी गई है।”
खास बात यह है कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित खास पैकेज के तहत, 1,371 पात्र परिवारों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद करने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए प्रति परिवार 5 लाख रुपए का एकमुश्त मुआवजा दिया जा रहा है, जो कुल मिलाकर 68.55 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, हाउसिंग सहायता के तौर पर 4.25 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जिससे 998 अधूरे घरों को पूरा किया जाएगा और 10 नए घर बनाए जाएंगे। साथ ही, नई कीर्तिपुर कॉलोनी में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2.80 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि मंजूर की गई है।
अपने संबोधन में, मुख्यमंत्री माझी ने गंजाम जिले के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों का जिक्र किया।
माझी ने कहा, “विपक्ष ने 24 साल तक गंजाम को अपना अभेद्य गढ़ मानकर सिर्फ राजनीति की, लेकिन विस्थापितों की तकलीफों को कभी नहीं समझा। भले ही इस जिले ने राज्य को 5 बार मुख्यमंत्री दिए, लेकिन गरीब नोलिया समुदाय की आवाज़ सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पाई।”
