नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमत में हुई बढ़ोतरी के बाद परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि सीएनजी के दाम बढ़ने का सीधा असर माल ढुलाई, छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वहीं, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महासचिव राजेंद्र सोनी ने ऑटो और टैक्सी किराये में बढ़ोतरी की मांग करते हुए सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है।
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि सरकार ने लंबे समय तक सीएनजी को बढ़ावा दिया। प्रदूषण कम करने और डीजल से वैकल्पिक ईंधन की ओर जाने के लिए बड़ी संख्या में वाहन सीएनजी पर शिफ्ट हुए। अब दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमत बढ़ाए जाने से इन वाहनों के संचालन की लागत बढ़ेगी। दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़ना विशेष रूप से छोटी मालवाहक गाड़ियों के लिए चिंता का विषय है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक सामान पहुंचाने, फैक्ट्रियों में माल ले जाने और जॉब वर्क से जुड़े परिवहन में बड़ी संख्या में छोटी सीएनजी गाड़ियों का इस्तेमाल होता है।
उन्होंने दावा किया कि ईंधन की लागत बढ़ने के बाद इसका बोझ केवल ट्रांसपोर्टरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धीरे-धीरे उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ेगा। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। कपूर ने आरोप लगाया कि दिल्ली में ही सीएनजी की कीमत बढ़ाए जाने से यह सवाल भी उठता है कि क्या लोगों को सीएनजी से ईवी की ओर स्थानांतरित करने की नीति के तहत ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बढ़ोतरी को जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए।
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महासचिव राजेंद्र सोनी ने भी सीएनजी की कीमत में लगातार बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले करीब ढाई महीनों में सीएनजी की कीमतों में कुल बढ़ोतरी लगभग 12 रुपए तक पहुंच गई है। ऑटो और टैक्सी चालकों की समस्याओं को लेकर वे लंबे समय से सरकार से बैठक की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। मौजूदा सरकार मजदूरों और ऑटो-टैक्सी चालकों के हित में काम नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान ऑटो चालकों से कल्याण बोर्ड बनाने समेत कई अन्य मांगों को लेकर वादे किए गए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद इन मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। फिटनेस से जुड़े शुल्क में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए सोनी ने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालकों की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि उनकी आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ी है। ऐसे में सीएनजी महंगी होने के बाद किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है।
राजेंद्र सोनी ने कहा कि उन्होंने दिल्ली सरकार और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की मांग की है। ऑटो और टैक्सी संगठन सरकार से टकराव नहीं चाहते और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बैठक नहीं बुलाई और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 9 तारीख की रात 12 बजे के बाद करीब एक लाख ऑटो और काली-पीली टैक्सियां सड़कों से हट सकती हैं। ऐसी स्थिति पैदा होने पर इसकी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।
सोनी ने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालक दिल्ली के परिवहन तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं की अनदेखी का असर सीधे राजधानी की परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से सीएनजी की कीमतों पर राहत देने के साथ-साथ किराया संशोधन और लंबित मांगों पर तत्काल बातचीत की अपील की।
