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तमिलनाडु : मुख्यमंत्री विजय ने दूध खरीद मूल्य बढ़ाकर 44 रुपए प्रति लीटर करने की घोषणा की

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चेन्नई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को दूध की खरीद कीमत में 3 रुपए प्रति लीटर की और बढ़ोतरी की घोषणा की। यह कीमत 41 रुपए से बढ़कर 44 रुपए हो गई है। इस फैसले से राज्यभर में दूध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 3.15 लाख डेयरी किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।

दो दिन की छुट्टी के बाद तमिलनाडु विधानसभा की बैठक फिर से शुरू होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने नियम 110 के तहत यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि डेयरी किसानों ने सरकार से दूध देने वाले मवेशियों को पालने की बढ़ती लागत और मवेशियों के चारे व अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण दूध खरीद की कीमत में बदलाव करने की मांग की थी। उनकी मांगों पर विचार करने के बाद सरकार ने प्रति लीटर 3 रुपए की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने का फैसला किया।

इस नई बढ़ोतरी के साथ, उत्पादकों को अब सहकारी नेटवर्क के जरिए सप्लाई किए जाने वाले दूध के हर लीटर के लिए 44 रुपए मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद डेयरी किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें चारे, पशु चिकित्सा, दवाओं, मजदूरी और परिवहन की बढ़ती लागत से निपटने में मदद करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार का मानना ​​है कि दूध उत्पादन को बनाए रखने और डेयरी पर निर्भर परिवारों की आजीविका की रक्षा के लिए दूध खरीद की अच्छी कीमत जरूरी है।

सहकारी दूध उत्पादकों ने बार-बार दूध खरीद की ऊंची कीमत की मांग की है। उनका तर्क है कि उनकी कमाई मवेशियों के चारे और अन्य खर्चों की तुलना में नहीं बढ़ी है। कई छोटे और सीमांत किसान घर और खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए दूध की बिक्री से होने वाली रोजाना की आय पर निर्भर रहते हैं।

इस ताजा फैसले से सहकारी सोसायटियों को दूध सप्लाई करने वाले डेयरी किसानों को तुरंत आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को दूध देने वाले मवेशियों को पालना जारी रखने के लिए भी बढ़ावा मिल सकता है और राज्य के सहकारी डेयरी सेक्टर में दूध की लगातार सप्लाई सुनिश्चित हो सकती है।

सरकार ने कहा कि लगभग 3.15 लाख रजिस्टर्ड दूध उत्पादकों को बदली हुई कीमत से सीधे तौर पर फायदा होगा।

यह ऊंची दर दूध उत्पादकों की सहकारी सोसायटियों के जरिए खरीदे गए दूध पर लागू होगी। बदली हुई खरीद कीमत किस तारीख से लागू होगी और राज्य के खजाने पर इसका क्या आर्थिक असर पड़ेगा, इस बारे में सरकार अलग से जानकारी दे सकती है।