कोलकाता, 31 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से हारने के बाद बदले की भावना से वहां के लोगों को विकास कार्यों से वंचित रखा।
गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी ने लगभग 2,000 वोटों के अंतर से हराया था।
बाद में ममता बनर्जी ने उसी वर्ष दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा और लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “पिछले पांच वर्षों (2021 से 2026) में नंदीग्राम के लोगों को विकास कार्यों से दूर रखा गया। ममता बनर्जी 2021 में यहां से हारने के कारण नाराज थीं और इसी वजह से उन्होंने नंदीग्राम की उपेक्षा की।”
उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में रेलवे स्टेशन बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसके लिए सिर्फ छह एकड़ जमीन की जरूरत थी, लेकिन पिछली सरकार ने जमीन तक आवंटित नहीं की।
अधिकारी ने दावा किया, “मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने रेलवे स्टेशन के लिए 3.5 एकड़ जमीन आवंटित कर भारतीय रेलवे को सौंप दी है। बाकी जमीन भी जल्द दी जाएगी। नंदीग्राम रेलवे स्टेशन का निर्माण अगले साल मार्च तक पूरा हो जाएगा। उस स्टेशन से ट्रेन में बैठने वाला पहला व्यक्ति मैं ही बनूंगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि वाम मोर्चा शासन के दौरान शहीद हुए नौ लोगों के परिवारों को भी पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सरकारी नौकरी नहीं दी, क्योंकि ममता बनर्जी नंदीग्राम में अपनी हार से नाराज थीं।
उन्होंने कहा, “इस साल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनने पर उन नौ शहीद परिवारों में से प्रत्येक के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की पेशकश की गई।”
सुवेंदु अधिकारी ने विश्वास जताया कि जल्द होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव में वहां की जनता भाजपा उम्मीदवार को भारी बहुमत से विजयी बनाएगी।
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुने गए थे। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को दूसरी बार हराया।
इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी, जिसके कारण नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी।
