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‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे,’ राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर को लेकर गुलाम अहमद का कटाक्ष

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नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय को पीएम उम्मीदवार के तौर पर पेश करने के टीवीके के अभियान पर तमिलनाडु कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने प्रतिक्रिया दी है।

राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर गुलाम अहमद मीर ने कहा, “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। पूरे देश ने इसे महसूस किया। जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जो देश के एक कद्दावर और सम्मानित दलित नेता हैं, की रैली के बाद शुद्धिकरण का कार्यक्रम किया गया तो पूरे देश को इसका एहसास हुआ और जैसे ही उन्होंने संसद में इसका जिक्र किया, मुझे लगता है कि पूरा देश इसके बारे में जान गया।”

उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर चाहे भाजपा के लोग हों या आरएसएस के, या फिर उनका समर्थन करने वाले लोग ही क्यों न हों, सभी को हैरानी और चिंता हुई होगी। देश की धरती पर एक सम्मानित नेता के खिलाफ ऐसी बात कैसे हो सकती है? इसे लेकर देश में एक भावनात्मक आवाज उठी थी। राहुल गांधी ने संविधान के हवाले से कहा कि इस देश में सभी को बोलने का अधिकार है, संविधान ने सभी को सम्मान और इज्जत दिया है। जिस व्यक्ति ने ऐसी हरकत की है, उस पर एफआईआर होनी चाहिए, लेकिन राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्हीं के ऊपर ऑर्गेनाइज तरीके से एफआईआर करवा देना भाजपा की कमजोरी है। उन्होंने कोई हिम्मती कदम नहीं उठाया, बल्कि यह आंतरिक कमजोरी है। कई एनडीए के नेताओं ने भी टिप्पणी की है।”

कांग्रेस मंत्री बसवराज रायरेड्डी के इस बयान पर कि इस्लाम दूसरे धर्मों से बेहतर है, गुलाम अहमद मीर ने कहा, “हम बस इतना जानते हैं कि कोई व्यक्ति चाहे किसी भी धर्म का हो, उसे अपने धर्म का पालन करना चाहिए और दूसरे सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। यही हमारी परवरिश है। इसके अलावा किसने क्या कहा और किस संदर्भ में कहा, हम उन बातों में नहीं पड़ते। इसलिए हमारा सीधा सा सिद्धांत है, अपने धर्म का पालन करें और दूसरों के धर्मों का सम्मान करें।”

टीवीके द्वारा मुख्यमंत्री विजय को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश करने के अभियान पर उन्होंने कहा कि हर पार्टी को अपना प्रचार करने का अधिकार है, लेकिन जनता तय करेगी कि देश का नेतृत्व कौन करेगा।