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मेसी प्रोजेक्ट विवाद पर केरल के सीएम का बड़ा फैसला, एसआईटी जांच की सिफारिश

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तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सोमवार को पिछले वर्ष लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल टीम को राज्य में लाने के लिए किए गए विवादित प्रयास की व्यापक जांच के आदेश दिए। उन्होंने इस पूरे मामले की शुरुआत से लेकर सभी पहलुओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की सिफारिश की है।

सतीशन ने फाइल गृह विभाग को भेज दी है। संभावना है कि जांच की कमान एक सीनियर पुलिस अधिकारी संभालेंगे। जांच का दायरा काफी बड़ा होगा, जिसमें न केवल प्रस्तावित इवेंट से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच होगी, बल्कि उन फैसलों और सरकारी मंजूरियों की भी जांच होगी, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट का रास्ता साफ किया था।

जांचकर्ताओं के सामने मुख्य सवालों में यह शामिल होगा कि ‘रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ को प्रायोजक के तौर पर कैसे चुना गया। क्या उस निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कोई अनियमित कदम उठाए गए? फंड का स्रोत और फ्लो क्या था?

जांच में कोच्चि स्टेडियम सौंपने से जुड़ी परिस्थितियों, सरकारी आदेशों और मंजूरियों, इवेंट के सिलसिले में किए गए समझौतों और मेसी और अर्जेंटीना की टीम को केरल लाने के नाम पर की गई विदेश यात्राओं की भी पड़ताल होगी।

यह जांच इसलिए भी अहम हो जाती है, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले से ही इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के तहत विदेश में 126 करोड़ रुपए के ट्रांसफर की जांच कर रहा है।

ईडी विदेशी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनियों को किए गए कथित भुगतान में विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है। वह बैंक रिकॉर्ड, समझौतों और इसमें शामिल संस्थाओं की पड़ताल कर रहा है।

एजेंसी ने जीएसटी विभाग और तत्कालीन खेल विभाग से भी दस्तावेज मांगे हैं और केरल के बाहर की उन निजी प्रायोजकों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और वित्तीय एजेंसियों की भूमिका की जांच कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर ‘रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ को फंड दिया था।

उम्मीद है कि राज्य की यह नई जांच एफईएमए के दायरे से आगे जाएगी, जिससे जांचकर्ताओं को सरकारी फाइलों, बैंक लेन-देन, अनुबंधों और निर्णय लेने की पूरी प्रक्रिया की जांच करने की आजादी मिलेगी। हवाला लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के आरोप भी इस व्यापक जांच का हिस्सा हैं, हालांकि शुरुआती चरण में ये केवल आरोप हैं और अभी इनकी पुष्टि होनी बाकी है।

केरल विजिलेंस डिपार्टमेंट भी कथित वित्तीय अनियमितताओं और ‘रिपोर्टर टीवी’ तथा प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच करने वाला है। पिछली पिनाराई विजयन सरकार के समय एक बड़े खेल आयोजन के तौर पर शुरू हुई यह पहल अब एक बड़े वित्तीय और प्रशासनिक विवाद में बदल गई है। कई एजेंसियां ​​अब इस बात की जांच कर रही हैं कि मेसी को लाने का यह सपना कैसे देखा गया? इसके लिए फंड कैसे जुटाया गया? आखिर में यह योजना कैसे विफल हो गई?